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Magh Purnima 2022: कल है माघी पूर्णिमा, जानिए क्या है इसका महत्व, तिथि और पूजा विधि

Tue, 15 Feb 2022 08:55 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली

सार

Magh Purnima 2022: माघी पूर्णिमा पर संयम से रहना, सुबह स्नान करना एवं व्रत, दान करना आदि नियमों का उल्लेख ग्रंथों में भी मिलता है। इस दिन खासतौर पर प्रयाग संगम पर स्नान करने का अत्यधिक पुण्यदायी माना गया है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन देवलोक से देवतागण पृथ्वी पर आते हैं।
 
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Magh Purnima 2022:इस बार माघी पूर्णिमा 16  फरवरी 2022, बुधवार  को पड़ रही है। इस दिन चंद्रदेव की पूजा के साथ ही भगवान विष्णु की पूजा का भी महत्व है। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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माघ मास के अंतिम दिन की तिथि को माघी पूर्णिमा कहते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण है। इस बार माघी पूर्णिमा 16  फरवरी 2022, बुधवार  को पड़ रही है। इस दिन चंद्रदेव की पूजा के साथ ही भगवान विष्णु की पूजा का भी महत्व है। माघी पूर्णिमा पर संयम से रहना, सुबह स्नान करना एवं व्रत, दान करना आदि नियमों का उल्लेख ग्रंथों में भी मिलता है। इस दिन खासतौर पर प्रयाग संगम पर स्नान करने का अत्यधिक पुण्यदायी माना गया है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन देवलोक से देवतागण पृथ्वी पर आते हैं। आइए जानते हैं कब है माघी पूर्णिमा, मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि के बारे में। 

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Magh Purnima 2022: माघी पूर्णिमा पर विशेष शोभन योग बन रहा है। - फोटो : amar ujala
माघ पूर्णिमा तिथि 
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 16 फरवरी 2022, बुधवार प्रातः 09: 42 मिनट पर 
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2022, बुधवार रात्रि  10: 55 मिनट पर
शोभन योग: रात्रि 08: 43 मिनट तक 

Magh Purnima 2022: मान्यता के अनुसार माघी पूर्णिमा पर देवता भी गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं। - फोटो : amar ujala
माघ पूर्णिमा का महत्व 
माघ पूर्णिमा बहुत ही महत्वपूर्ण है। जो साधक माघ मास में संगम नदी के किनारे रहकर व्रत और संयम के साथ स्नान ध्यान करते हैं और माघ पूर्णिमा के दिन अपने कल्पवास की परंपरा को पूर्ण करते हैं, उनके लिए माघ पूर्णिमा बहुत ही विशेष मानी जाती है। मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के पावन दिन श्री हरि विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगास्नान का विशेष फल प्राप्त होता है। ज्योतिष के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा पर चंद्रमा मघा नक्षत्र और सिंह राशि में स्थित होता है। मघा नक्षत्र होने पर इस तिथि को माघ पूर्णिमा कहा जाता है। मान्यता के अनुसार माघी पूर्णिमा पर देवता भी गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं, इसलिए माघ मास की पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान करना बहुत शुभ माना गया है। 
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Magh Purnima 2022: माघ पूर्णिमा के दिन ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें। - फोटो : amar ujala
माघी पूर्णिमा पूजन विधि 
  • माघ पूर्णिमा के दिन ब्रह्ममुहूर्त में गंगा स्नान करना चाहिए। यदि संभव न हो तो गंगाजल को जल में मिलकर स्नान कर सकते हैं। 
  • स्नान के उपरांत ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें। 
  • फिर तिलांजलि देने के लिए सूर्य की ओर मुख करके खड़े हो जाएं और जल में तिल डालकर उसका तर्पण करें। 
  • इसके बाद पूजा प्रारंभ करें।  
  • भोग में चरणामृत, पान, तिल, मोली, रोली, कुमकुम, फल, फूल, पंचगव्य, सुपारी, दूर्वा आदि चीजें अर्पित करें। 
  • अंत में आरती और प्रार्थना करें।  
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