फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सौभाग्य से जुड़ी हैं ये मालाएं, धारण करते ही बरसने लगती है देवताओं की कृपा

Tue, 12 Feb 2019 03:43 PM IST
Madhukar Mishra मधुकर मिश्र, अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
Mantra Jaap Mala
देश-दुनिया के विभिन्न धर्मों और परंपराओं अपने ईश या फिर कहें आराध्य की भक्ति में जप का अपना एक विशेष स्थान है। सनातन परंपरा में किसी भी देवता विशेष की पूजा के दौरान मंत्र जप का विशेष फल मिलता है। इस मंत्र जाप के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली माला का भी अपना विशेष महत्व होता है। एक ओर जहां प्रत्येक देवता के लिए अलग-अलग माला से जप का विधान है, वहीं दूसरी ओर इन मालाओं को धारण करने का भी अपना महात्मय है। कहने का तात्पर्य शैव, शाक्त एवं वैष्णव आदि परंपरा से जुड़ा साधक अराध्य देवी-देवता के अनुसार ही माला धारण करता है। आइए परम शक्ति की साधना के लिए उपयोग में लाई जाने वाली माला के महत्व के बारे में जानते हैं — 
विज्ञापन

2 of 8
Chandan Ki Mala
चंदन की माला
देवी-देवताओं के तिलक के लिए विशेष रूप से प्रयोग में लाए जाने वाले चंद की तासीर ठंडी होती है। प्रसाद के रूप में माथे पर लगाया जाने वाला चंदन मन और तन दोनों को शीतलता प्रदान कर दैवीय कृपा दिलाता है। इसी चंदन की माला का वैष्णव परंपरा में साधना के दौरान मंत्र जप में विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। जैसे शक्ति की साधना में लाल चंदन की माला से तो वहीं भगवान कृष्ण के मंत्र का जप सफेद चंदन की माला से किया जाता है। इस माला के मंत्र जप से मनोकामना बहुत जल्दी पूर्ण होती है। 
विज्ञापन

3 of 8
Sfatik Ki Mala
स्फटिक की माला  
कांच की तरह नजर आने वाले स्फटिक की माला का भी मंत्र जप आदि के लिए विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। इस माला को धारण करने वाले व्यक्ति का मन शांत रहता है। इस माला के प्रभाव से उसके पास किसी भी तरह की नकारात्मक शक्ति नहीं फटक पाती। उसे हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। मां सरस्वती की साधना-आराधना में स्फटिक माला का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। स्फटिक की माला धन और मन दोनों तरह की ताकत प्रदान करती है।

4 of 8
Rudraksh Ki Mala
रुद्राक्ष की माला 
शैव परंपरा के साधक अपने आराध्य की कृपा पाने के लिए हमेशा अपने शरीर में रुद्राक्ष धारण किए रहते हैं। शिव की साधना में रुद्राक्ष की माला मंत्र जाप के लिए विशेष रूप से प्रयोग में लाई जाती है। मान्यता कि रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करने देवाधिदेव भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। हालांकि भगवान शिव की साधना में विशेष रूप से प्रयोग में लाई जाने वाली पवित्र रुद्राक्ष की माला का अन्य देवताओं के लिए किए जाने वाले जप में भी प्रयोग किया जाता है।
विज्ञापन

5 of 8
Vyjayanthi Ki Mala
वैजयंती की माला
वैष्णव परंपरा के तहत अपने इष्टदेव की साधना में इस माला का विशेष प्रयोग किया जाता है। भगवान कृष्ण को यह माला बहुत प्रिय थी। भगवान कृष्ण की कृपा पाने के लिए वैष्णव भक्त इस माला को विशेष रूप से धारण करते हैं। वैजयंती की माला से मंत्र जप करने से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं। इस माला को धारण करने से शत्रु भी मित्र की तरह व्यवहार करने लगते हैं। इस माला से प्रभु श्री नारायण का जाप करने पर आत्मविश्वास में वृद्धि और सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
विज्ञापन

6 of 8
Haldi Ki Mala
हल्दी की माला  
सनातन परंपरा में पूजा आदि शुभ कार्यों में हल्दी का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। भोजन में प्रयोग लाई जाने वाली हल्दी सेहत से ही नहीं सौभाग्य से भी जुड़ी हुई है। भगवान श्री गणेश और देवगुरु बृहस्पति हल्दी की माला से जप करने पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं। संतान एवं ज्ञान की प्राप्ति के लिए इस माला से विशेष रूप से जप किया जाता है। हल्दी की माला से मां बगलामुखी का जप करने से उनकी शीघ्र कृपा होती है।
विज्ञापन

7 of 8
Tulsi Ki Mala
तुलसी की माला 
सनातन परंपरा में तुलसी को अत्यधिक पवित्र पौधा माना गया है। वैष्णव परंपरा से जुड़े लोग न सिर्फ भगवान के प्रसाद में इस के पत्ते का प्रयोग करते हैं बल्कि इसकी माला को विशेष रूप से धारण करते हैं। मान्यता है कि तुलसी की माला धारण करने और भगवान विष्णु और कृष्ण के मंत्रों का जाप करने से यश, कीर्ति और समृद्धि बढ़ती है। इस पवित्र माला से जप करने पर साधक को कई यज्ञ करने का पुण्य प्राप्त होता है। इस माला को धारण करने वाले व्यक्ति को सात्विक रहते हुए तमाम तरह के नियमों का पालन करना पड़ता है।
विज्ञापन

8 of 8
Kamalgatte ki Mala
कमलगट्टे की माला 
जीवन में धन और वैभव की चाह है मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से ही पूरी होती है। ऐसे में मां लक्ष्मी की साधना-आराधना को पूरे विधि-विधान से किया जाना चाहिए। मां लक्ष्मी के मंत्रों की सिद्धि के लिए कमलगट्टे की माला का प्रयोग किया जाता है। इस माला के मंत्र जाप से माता लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं और साधक को सुख-समृद्धि का वरदान प्रदान करती हैं। इसलिए यदि आप आर्थिक रूप से परेशान हैं और तमाम प्रयासों के बाद भी आपके पास धन नहीं टिकता है तो कमलगट्टे की माला को विधि-विधान से धारण करें और इसी माला से मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप करें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें