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Krishna Bhajan: कृष्ण के इन भजनों को सुनते ही झूम उठते हैं भक्त, social media में है वायरल

Wed, 12 Aug 2020 06:53 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Happy Janmashtami 2020 कृष्ण भजन - फोटो : अमर उजाला
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Jaya Kishori Krishna Bhajan: आज और कल ( 11 और 12 अगस्त 2020 ) को देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस वर्ष भी पिछले साल की तरह जन्माष्टमी दो दिनों मनाई जा रही है। कृष्ण भक्त जन्माष्टमी के त्योहार का इंतजार बहुत ही उत्साह के साथ करते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा के भजनों की गूंज हर तरफ होती है। जन्माष्टमी में कृष्ण भजन के बिना इस त्योहार का रंग बहुत फीका रहता है। ऐसे में इस समय प्रसिद्ध भगवत गीता वाचक जया किशोरी ( jaya Kishori) का भजन सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। दरअसल मार्च के महीने में पूरे देश में कोराना वायरस के चलते लॉकडाउन लगा था इस दौरान जया किशोरी ने  यू टयूब चैनल पर भगवान कृष्ण का एक भजन को अपलोड किया था। धीरे-धीरे भजन सोशल मीडिया पर काफी धूम मचा रहा है। अभी तक जया किशोरी के द्वारा गाया गया इस कृष्ण भजन को यू टयूब चैनल पर 60 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
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जया किशोरी के धूम मचाने वाले कृष्ण के भजन
जया किशोरी के द्वारा गाए गए भजन जैसे जैसे जन्माष्टमी करीब आती गई उस भजन की धूम बढ़ती ही गई। जया किशोरी के इस भजन के बोल इस तरह हैं- ये तो प्रेम की बात है उद्धो ... बंदगी तेरे से की नहीं है। यहां सिर दे के होते हैं सौदे... आशिकी इतनी सस्ती नहीं है। इसके अलावा जया किशोरी के- मीठे रस से भरयोरी राधा रानी लागे... भजन को अभी तक एक करोड़ से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है। वहीं इनके दूसरे भजन- ऐसो चटक मटक सो ठाकुर... को भी काफी लोगों ने पसंद किया है। अन्य भजन- हे व्रजला हे कृष्ण मुरारी और कृष्ण गोविंद- गोविंद गोपाल नंदलाल को काफी पसंद किया जाता है। जया किशोरी के द्वारा गाए जाने वाले भजनों की चर्चा देश और विदेश दोनों जगह पर रहती है। 

इस वर्ष भादौं कृष्ण अष्टमी की जिसके कारण पुनः दो दिवसीय पर्व सामने है। कुछ शास्त्रों के अनुसार जन्माष्टमी 11 अगस्त को मनाई जाएगी, किंतु कुछ के अनुसार इसे 12 अगस्त को मनाना ही शुभ रहेगा। इसलिए जन्माष्टमी का पर्व अलग-अलग मान्यताओं के अनुसार 11 और 12 दोनों दिन मनाया जाएगा क्योंकि, 11 अगस्त मंगलवार की रात्रि को अष्टमी तिथि विद्यमान है। 12 तारीख बुधवार को अष्टमी तिथि दिन के 11 बजकर 16 मिनट तक ही है उसके बाद नवमी तिथि लग रही है।
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उदयातिथि के अनुसार 12 अगस्त को भी जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा सकता है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग तथा वृद्धि योग दोनों हैं ऐसे में अष्टमी तिथि के अभाव में यह दोनों मुहूर्त अति श्रेष्ठ कहे गए हैं। अष्टमी तिथि 11 अगस्त की सुबह 9:06 से आरंभ हो जाएगी। इसलिए संपूर्ण अष्टमी की बात करें तो वह 11 तारीख मंगलवार को ही मिल रही है। 
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