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Narsimha Jayanti 2022: नृसिंह जयंती आज ,जानिए पूजाविधि, महत्व और मंत्र

Sat, 14 May 2022 08:20 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद

सार

वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान नृसिंह का प्राकट्य पर्व या जयंती मनाई जाती है। इस साल ये पर्व आज यानी 14 मई, शनिवार को है। जब-जब धर्म की हानि हुई तब-तब भगवान विष्णु ने अधर्म के नाश के लिए कई अवतार लिए तथा धर्म की स्थापना की।
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नृसिंह जयंती 2022 : नृसिंह मंत्र से तंत्र मंत्र बाधा, भूत पिशाच भय, अकाल मृत्यु, असाध्य रोग आदि से छुटकारा मिलता है तथा जीवन में शांति की प्राप्ति होती है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान नृसिंह का प्राकट्य पर्व या जयंती मनाई जाती है। इस साल ये पर्व आज यानी 14 मई, शनिवार को है। जब-जब धर्म की हानि हुई तब-तब भगवान विष्णु ने अधर्म के नाश के लिए कई अवतार लिए तथा धर्म की स्थापना की। नृसिंह अवतार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से एक है। भगवान नृसिंह शक्ति एवं पराक्रम के देवता हैं तथा इन्हें शत्रुओं के नाशक के रूप में जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए आधा मनुष्य व आधा शेर का शरीर धारण करके दैत्यों के राजा हिरण्यकश्यपु का वध  किया था।

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भगवान श्री हरि के चौथे अवतार प्रभु नरसिंह की जयंती के शुभ अवसर पर आप समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान नरसिंह से मैं आप सभी के मंगल एवं कल्याण की कामना करता हूं।

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- Pushkar Singh Dhami (@pushkarsinghdhami) 14 May 2022



 पूजा-विधि-
 इस दिन भक्तगण सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।ईशान कोण में एक चौकी पर लाल,श्वेत या पीला वस्त्र बिछाकर उस पर भगवान नृसिंह और मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें एवं पूजा करने के लिए पूर्व की ओर मुख करके बैठ जाएं । भगवान नृसिंह की पूजा में पंचामृत, फल, पुष्प,पंचमेवा, कुमकुम केसर, नारियल,अक्षत व पीतांबर का प्रयोग करें। भगवान नृसिंह के मंत्र ऊं नरसिंहाय वरप्रदाय नम: मंत्र का जाप करें। इस दिन गरीब लोगों को गर्मी से राहत देने वाली ठंडी चीजें दान में दें।  
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 पूजा का महत्व-
नृसिंह मंत्र से तंत्र मंत्र बाधा, भूत पिशाच भय, अकाल मृत्यु, असाध्य रोग आदि से छुटकारा मिलता है तथा जीवन में शांति की प्राप्ति होती है। जिस प्रकार विष्णुजी ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की उसी प्रकार किसी भी प्रकार के संकट के समय भगवान नृसिंह को याद करने से भक्तों को संकट से तुरंत मुक्ति मिलती है।जो भक्त नृसिंह जयंती के दिन भगवान नृसिंह का विधि विधान से पूजन करते हैं उन्हें शत्रुओं पर विजय मिलती है। कोर्ट कचहरी संबंधी मामलों में जीत हासिल होती है।भगवान नृसिंह की पूजा से मनोबल बढ़ता है जिससे  आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।इनकी पूजा एवं जप से घर की नकारात्मकता दूर होती है,बुरी शक्तियां भाग जाती हैं एवं शौर्य,तेज और बल प्राप्त होता है। भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए  भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार का पूजन अवश्य करना चाहिए।पद्म पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के इस रौद्र रुप की पूजा करने से पाप खत्म हो जाते हैं और जीवन में आए तमाम कष्ट दूर होते हैं।

 पूजन मंत्र-
ॐ उग्रवीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखं ।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम् ॥

एवं नृसिंह बीज मंत्र ''क्ष्रौं'' का 40 दिनों तक जाप करें। आपकी सारी इच्छाएं पूरी होंगी। ध्यान रहे कि इस मंत्र का जाप रात में ही करें और जाप से पहले एक घी का दीपक जला लें।

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