हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस का त्योहार मनाया जा रहा है। पांच दिन के महापर्व में दिवाली के एक दिन पहले पड़ने वाला ये दूसरा पर्व है। इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन अलक्ष्मी को घर से बाहर भेजा जाता है क्योंकि दिवाली के पर्व के लिए मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियां की जाती हैं। अलक्ष्मी को दुर्भाग्य की देवी कहा जाता है, ऐसी मान्यता है कि जहां भी ये होती हैं, वहां पर दरिद्रता का वास होता है, जिससे मनुष्य को धन की हानि का सामना करना पड़ता है। नरक चतुर्दशी तिथि को तीन ऐसे कार्य बताए गए हैं जिन्हें अवश्य करने चाहिए। इससे मां लक्ष्मी का आपके घर में आगमन होता है व सौंदर्य की प्राप्ति होने के साथ ही अकाल मृत्यु का भय भी नहीं रहता है। तो चलिए जानते हैं कौन से हैं वे कार्य।