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Mokshada Ekadashi 2023: 22 या 23 दिसंबर 2023 कब है मोक्षदा एकादशी ? यहां देखें तिथि और मुहूर्त

Fri, 15 Dec 2023 12:41 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। अपने नाम स्वरूप ये एकादशी मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है। मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से पाप खत्म हो जाते हैं और पूर्वजों को भी इससे मोक्ष मिलता है।
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मोक्षदा एकादशी 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Mokshada Ekadashi 2023 Kab Hai: मोक्षदा एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष (अगहन) के महीने में शुक्ल पक्ष के दौरान एकादशी पर पड़ती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह लगभग नवंबर या दिसंबर के महीने में होता है। मोक्षदा एकादशी को हिंदुओं विशेषकर वैष्णवों या भगवान विष्णु के उपासकों के लिए एक शुभ दिन माना जाता है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री कृष्ण ने पवित्र भगवद गीता सुनाई थी। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। अपने नाम स्वरूप ये एकादशी मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है। मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से पाप खत्म हो जाते हैं और पूर्वजों को भी इससे मोक्ष मिलता है। मोक्षदा एकादशी बहुत खास है क्योंकि इसी दिन श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इस साल मोक्षदा एकादशी की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति है। जानें मोक्षदा एकादशी सही तिथि, मुहूर्त और महत्व। 

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मोक्षदा एकादशी की सही तिथि 
साल 2023 की अंतिम मोक्षदा एकादशी 22 और 23 दिसंबर दो दिन मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि 22 दिसंबर 2023 को प्रातः  08:16 पर शुरू होगी और समापन 23 दिसंबर 2023 को सुबह 07:11 मिनट पर होगा। 

मोक्षदा एकादशी 2023 व्रत पारण 
22 दिसंबर 2023 को मोक्षदा एकादशी का व्रत करने वाले लोग 23 दिसंबर 2023 को दोपहर 01:22 से दोपहर 03:25 के बीच व्रत पारण कर लें। वहीं वैष्णव संप्रदाय के लोग 24 दिसंबर 2023 को सुबह 07:10 से सुबह 09:14 के बीच मोक्षदा एकादशी का व्रत पारण कर सकते हैं। 
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मोक्षदा एकादशी व्रत के लाभ
पवित्र ग्रंथों के अनुसार, मोक्षदा एकादशी व्रत का पालन करने से निम्नलिखित आशीर्वाद प्राप्त हो सकते हैं:

  • किसी के पापों को दूर करें और शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करें।
  • स्वयं और अपने पूर्वजों के लिए जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति प्राप्त करें।
  • अश्वमेध यज्ञ (राजाओं द्वारा अश्व बलि अनुष्ठान) करने के बराबर लाभ प्राप्त करें।
  • विष्णु पुराण के अनुसार, मोक्षदा एकादशी का व्रत वर्ष की अन्य 23 एकादशियों के व्रत करने से मिलने वाले लाभ के बराबर है।

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