इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है। सूर्य के उत्तरायण होने पर खरमास भी समाप्त हो जाएगा और सारे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करके भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति के जीवन में हर तरह कष्टों से मुक्ति मिल जाती है और जीवन में सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस पर्व की खासियत यह है कि यह पूरे भारत वर्ष में अलग-अलग नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं-
पंजाब
पंजाब में मकर संक्रांति को माघी के रूप में मनाया जाता है। माघी के दिन तड़के नदी में स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन तिल के तेल से दीपक जलाते हैं क्योंकि यह समृद्धि देने वाला और सभी पापों को दूर करने वाला माना जाता है। माघी पर श्री मुक्तसर साहिब में एक प्रमुख मेला आयोजित किया जाता है। भांगड़ा और गिद्दा किया जाता है, जिसके बाद सारे बैठकर खिचड़ी, गुड़ और खीर खाते हैं।
तमिलनाडु
दक्षिण भारत में मकर संक्रांति को बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। तमिलनाडु में इसे पोंगल कहते हैं, जिसमें चार दिवसीय आयोजन होते हैं। पहला दिन भोगी पोंगल, दूसरा दिन सूर्य पोंगल, तीसरा दिन मट्टू पोंगल और चौथा दिन कन्या पोंगल के रूप में मनाते हैं। ऐसे मौके पर यहां चावल के पकवान, रंगोली और भगवान कृष्ण की पूजा करने का रिवाज है।
पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में इस पर्व पर गंगासागर पर बहुत बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। यहां पर इस पर्व के दिन स्नान करने के बाद तिल दान करने की प्रथा है। कहा जाता है कि इसी दिन यशोदा जी ने श्रीकृष्ण की प्राप्ति के लिए व्रत रखा था। साथ ही इसी दिन मां गंगा भगीरथ के पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए गंगा सागर में जाकर मिली थीं।
केरल
केरल में इसे मकर विलक्कू कहते हैं और सबरीमाला मंदिर के पास जब मकर ज्योति आसमान में दिखाई देती है, तो लोग उसके दर्शन करते हैं।
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कर्नाटक
कर्नाटक में 'एलु बिरोधु' नामक एक अनुष्ठान के साथ संक्रांति मनाई जाती है, जहां महिलाएं कम से कम 10 परिवारों के साथ एलु बेला (ताजे कटे हुए गन्ने, तिल, गुड़ और नारियल का उपयोग करके बनाई गई क्षेत्रीय व्यंजनों) का आदान-प्रदान करती हैं।
आंध्र प्रदेश
इसी तरह आंध्र प्रदेश में संक्रांति का पर्व तीन दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें लोग पुरानी चीजों को फेंक कर नई चीजें लाते हैं। किसान अपने खेत, गाय और बैलों की पूजा करते हैं और तरह-तरह के व्यंजन खाए-खिलाए जाते हैं।
गुजरात
गुजराती में मकर संक्रांति को उत्तरायण कहा जाता है। यहां इस दिन बहुत बड़ा पर्व मनाया जाता है जो 2 दिनों तक चलता है। यहां बड़े उल्लास से काइट फेस्टिवल मनाया जाता है और उंधियू और चिक्की इस दिन विशेष त्यौहार व्यंजन हैं।
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राजस्थान
राजस्थान में मकर संक्रांति का पर्व सुहागन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन सभी सुहागन महिलाएं अपनी सास को वायना देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। साथ ही इस दिन महिलाओं द्वारा किसी भी सौभाग्यसूचक वस्तु का चौदह की संख्या में पूजन व संकल्प कर चौदह ब्राह्मणों को दान देने की भी प्रथा है।