फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalita Jayanti 2022: माघ पूर्णिमा के दिन मनाई जाएगी ललिता जयंती, जानें पूजा मुहूर्त और मंत्र

Tue, 15 Feb 2022 05:47 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Lalita Jayanti 2022: मां ललिता को त्रिपुर सुंदरी के नाम से जाना जाता है। मां ललिता देवी चंडी के समान माना गया है।
विज्ञापन
Lalita Jayanti 2022 : मां ललिता को त्रिपुर सुंदरी के नाम से जाना जाता है। मां ललिता देवी चंडी के समान माना गया है। - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Lalita Jayanti 2022 : 16 फरवरी को माघ माह की पूर्णिमा तिथि है और इसी दिन ललिता जयंती भी मनाई जाती है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। पूर्णिमा तिथि पर दान, स्नान, जप और तप करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में मां ललिता को सभी 10 महाविद्या में से एक माना गया है। मान्यता है कि मां ललिता की पूजा-आराधना में शक्ति की प्राप्ति के अलावा सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। मां ललिता को त्रिपुर सुंदरी के नाम से जाना जाता है। मां ललिता देवी चंडी के समान माना गया है। आइए जानते हैं पूर्णिमा तिथि पर ललिता जयंती की तिथि, पूजा मुहूर्त और पूजा मंत्र के बारे में... 
विज्ञापन


ललिता जयंती 2022 तिथि और पूजा मुहूर्त
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 15 फरवरी को रात 09 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ होगी जो 16 फरवरी को रात 10 बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। ऐसे में माघ पूर्णिमा 16 फरवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। इसी माघ पूर्णिमा तिथि के दिन ललिता जयंती मनाई जाएगी और पूजा आराधना का कार्य संपन्न किया जा सकेगा। ललिता जयंती के अवसर पर पूर्णिमा के दिन सुबह से ही शोभन योग का निर्माण हो रहा है। पंचांग गणना के अनुसार शोभन योग 16 फरवरी को रात 08 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि शोभन योग में की गई पूजा हमेशा फलदायी होती है।

ललिता देवी के पूजा मंत्र
सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आप ललिता देवी जयंती पर  ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नम: के मंत्र का जाप कर सकते हैं।

माघ पूर्णिमा का महत्व
पूर्णिमा को सुबह सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी या घर पर ही मन में गंगा मैया का ध्यान कर स्नान करके भगवान श्री हरि की पूजा करनी चाहिए। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। अतः इस दिन गंगाजल का स्पर्श मात्र भी मनुष्य को वैकुण्ठ लोक की प्राप्ति देता है। इस दिन गंगा आदि सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से पाप एवं संताप का नाश होता है। मन एवं आत्मा शुद्ध होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें