जिलेभर में जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाले से पंचायतों में कार्य ठप हो गए हैं। शनिवार को कामकाज को लेकर लोग पंचायतों में आए, लेकिन कोई कार्य न हुए। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं लोग जरूरी दस्तावेज और प्रमाण पत्र बनाने के लिए भी परेशान हुए हैं।
जिला परिषद कैडर के तहत आने वाले पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, सहायक व कनिष्ठ अभियंता, लिपिक और सेवादार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। सभी कर्मचारी पंचायती राज विभाग और ग्रामीण विकास विभाग में विलय को लेकर पिछले कई वर्षों से सरकार से मांग कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं हो रही है।
शनिवार को करीब 4700 जिला परिषद कैडर कर्मचारी महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर खंड कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। हालांकि यह शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है। लेकिन इससे लोगों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। इससे पहले महासंघ ने 19 सितंबर 2022 को विधानसभा के बाहर चौड़ा मैदान शिमला में भी भारी संख्या में पहुंचकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, लेकिन कर्मचारियों के प्रति सरकार के उदासीन रवैये को देखते हुए इन कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपना लिया है।
उधर, जिला परिषद कैडर कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बताया कि उनके साथ सौतेला व्यवहार होता आया है। इसी वजह से उन्हें पूर्व सरकार ने नया पे स्केल भी नहीं दिया। इससे इन्हें वित्तीय हानि हो रही है। इन कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और एरियर भी नहीं दिया गया, जबकि ये लाभ दूसरे सभी कर्मचारियों को दिए गए।
जिला परिषद अधिकारी एवं कर्मचारी कैडर के कंडाघाट के प्रधान राजेश चौहान ,महासचिव हितेश ठाकुर, कोषाध्यक्ष संजय ठाकुर, मुख्य सलाहकार जय किशन, एवं प्रेम प्रकाश, रमेश दते, विजय कुमार, नरेश कुमार, तारा दत्त, तारा देवी, मीरा, भुवनेश्वरी, ओम प्रकाश, जय प्रकाश, हरिचंद, राजेश, राकेश, धर्मेंद्र वर्मा, प्रेम शर्मा, समेत समस्त पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं ने भाग लिया।