आज हर हाथ में कैमरा है, लेकिन फिर भी पेशेवर फोटोग्राफर की जरूरत दिनों-दिन बढ़ रही है। कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं और विभागों में भी पेशेवर फोटोग्राफर रखे जा रहे हैं। बावजूद इसके सूबे में सिर्फ एक आईटीआई में ही फोटोग्राफी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 139 सरकारी और 140 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं। इनमें कई ट्रेडों में युवा प्रशिक्षण और पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन फोटोग्राफी ट्रेड न होने के कारण युवा पेशेवर फोटोग्राफर बनने से वंचित हो रहे हैं।
हिमाचल में सबसे पहले मंडी आईटीआई में फोटोग्राफी ट्रेड शुरू किया गया था। उसके बाद वर्ष 2014 में मंडी से इसे सोलन जिले के अर्की आईटीआई शिफ्ट किया गया। यहां मौजूदा समय में 20 सीटें डिजिटल फोटोग्राफी के कोर्स के लिए रखी गई हैं, जबकि इसके अलावा सूबे की किसी भी आईटीआई में प्रदेश सरकारें और तकनीकी शिक्षा विभाग फोटोग्राफी ट्रेड शुरू नहीं कर पाया है।
लोक संपर्क विभाग में कैसे भरेंगे फोटोग्राफी के पद
लोक संपर्क विभाग सहित अन्य कई संस्थाओं में फोटोग्राफी के पद भरे जाते हैं, लेकिन प्रदेश में फोटोग्राफी का विशेष डिप्लोमा-डिग्री न करवाए जाने से युवा इस क्षेत्र में नौकरी से वंचित रह रहे हैं। इन पदों के लिए फोटोग्राफी में डिग्री-डिप्लोमा धारक ही शैक्षणिक योग्यता पूरी करते हैं, लेकिन प्रदेश में इस तरह का कोई भी कोर्स न होने से लोग फोटोग्राफर के पदों के लिए मांगे गए मापदंड ही पूरे नहीं कर पाते हैं।
प्रदेश में अर्की आईटीआई में फोटोग्राफी का कोर्स चल रहा है। यहां 20 सीटों पर पात्र अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
- आरके शर्मा, सचिव, तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।