शव को पोस्टमार्टम के लिए ऊना अस्पताल भेज दिया है। मौत कैसे हुई, इसका असल खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही होगा। उन्होंने कहा कि युवक किसके साथ यहां पहुंचा और कौन लोग थे, नशीले कैप्सूल कहां से लिए इसकी जांच की जा रही है।
हिमाचल में एक साल के दौरान विभिन्न मादक पदार्थों से जुड़े 1350 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 883 मामले अदालतों में विचाराधीन हैं, जबकि 437 मामलों की पुलिस जांच कर रही है।
21 मामलों में आरोपियों को सजा हुई। वहीं प्रदेश में एक साल में 455 किलो चरस, 7 किलो अफीम, 7.9 किलो हेरोइन और 21 किलो गांजा समेत बड़ी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ पकड़े गए हैं।