हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना शौंगटोंग कड़छम का निर्माण कार्य सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से रोक दिया गया है। 450 मेगावाट की परियोजना का कार्य जलस्तर घटने के बाद ही शुरू हो पाएगा। बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष जून में ही नदी में पानी का स्तर बढ़ गया है। इस कारण परियोजना के बैराज की फाउंडेशन का कार्य रोक दिया गया है। जनजातीय जिला किन्नौर में 450 मेगावाट की शौंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना का कार्य बीते तीन दिन से प्रभावित हो रहा है।
सतलुज नदी पर बन रही इस परियोजना का कार्य नदी में पानी बढ़ने के कारण रोक दिया गया है। इन दिनों परियोजना के बैराज की फाउंडेशन का कार्य चल रहा था। शुक्रवार को नदी में जलस्तर के काफी अधिक बढ़ गया। अब कार्य पानी घटने के बाद ही शुरू हो पाएगा। बीते वर्ष जहां जुलाई में सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ा था, वहीं इस वर्ष यह जून में ही बढ़ गया है, जिस कारण परियोजना निर्माण की समयावधि बढ़ गई है। परियोजना प्रबंधन ने पानी बढ़ने के कारण कार्य पर रोक लगा दी है। अब सितंबर में ही यह कार्य शुरू हो पाएगा।
एचपीपीसीएल के महाप्रबंधक खेम सिंह ठाकुर ने बताया कि सतलुज नदी में पानी बढ़ने के कारण परियोजना के बैराज की फाउंडेशन का कार्य रोक दिया गया है। हालांकि परियोजना को इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अब नदी का जलस्तर घटने के बाद ही यह कार्य शुरू हो पाएगा। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सतलुज नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिस कारण निर्माण कार्य थम गया है। उपायुक्त किन्नौर तोरूल एस. रवीश ने बताया कि शौंगटोंग कड़छम परियोजना का कार्य रुकने की सूचना मिली है। जलस्तर बढ़ने से किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।