हिमाचल प्रदेश सरकार के लाख दावों के बावजूद मंडियों में बागवानों को अपनी उपज औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। शुक्रवार को शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में सेब बेचने आए बागवान ने जब बढ़िया रंग और आकार के प्रीमियम सेब की 1290 रुपये बोली पर सवाल उठाए तो आढ़तियों ने बागवान का सेब खरीदने से ही मना कर दिया।
बागवान सेब खरीदने कि आढ़तियों से गुहार लगाता रहा लेकिन एक नहीं सुनी गई। तंग आकर जब बागवान ने अपना सारा सेब मंडी परिसर में फेंकने और इसकी शिकायत करने की धमकी दी तब जाकर आढ़ती सेब खरीदने को तैयार हुए। इसके बाद भी बागवान को प्रति पेटी 1250 रुपये ही रेट दिया गया।
ठियोग के मतियाना भराड़ा के बागवान रमेश शर्मा शुक्रवार सुबह 5:30 बजे भट्ठाकुफर फल मंडी पहुंचे। 46 बॉक्स की बोली खरीददारों ने सिर्फ 1290 रुपये लगाई। बागवान ने प्रीमियम क्वालिटी के सेब की इतनी कम बोली पर सवाल उठाया और अन्य आढ़तियों के पास सेब बेचने की बात कही। लेकिन मंडी के सभी आढ़तियों ने बागवान का सेब खरीदने से साफ इनकार कर दिया।
रमेश शर्मा ने बताया कि सेब को ओलों से बचाने के लिए उन्होंने बगीचे में करीब 12 लाख की लागत से एंटी हेलनेट लगाए थे। सेब बिल्कुल साफ है, रंग भी अच्छा है, पेटी का वजन भी 35 किलो है। बावजूद इसके आढ़ती बहुत कम कीमत लगा रहे हैं। कोई दूसरा आढ़ती भी सेब खरीदने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। जब शिकायत की धमकी दी तब जा कर 1250 रुपये में सेब खरीदा। गाड़ी उपलब्ध नहीं थी इसलिए मजबूरी में कम दाम पर सेब बेचना पड़ा।
मुख्यमंत्री का दावा बढ़िया सेब को मिल रहे अच्छे दाम मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को दावा किया कि बढ़िया क्वालिटी के सेब को मंडियों में अच्छे दाम मिल रहे हैं। लेकिन भट्टाकुफर फल मंडी में बागवान के प्रीमियम क्वालिटी के सेब को महज 1250 रुपए रेट मिला। 35 किलो की पेटी का प्रति किलो रेट बागवान को सिर्फ 35 रुपये मिला।
खरीदारों ने लगाई 1290 रुपये बोली : आढ़ती
भट्ठाकुफर फल मंडी के केएन इंटरप्राइजेज के संचालक जय कुमार ने बताया कि मतियाना के बागवान के सेब की खरीददारों ने 1290 रुपये बोली लगाई। बागवान जिस मर्जी चाहे आढ़ती के पास अपना माल बेच सकते है। मंडी में ऐसी कोई बंदिश नहीं है।
पेटी में निकला एक हरा सेब, 350 रुपये कर दिया दाम
भट्टाकुफर फल मंडी में शुक्रवार को कोर्टखाई के खलटूनाला से सेब बेचने आए बागवान हर्ष कुमार ने बताया कि उनके सेब की एक पेटी में सिर्फ एक हरा सेब क्या निकला आढ़ती ने पेटी का दाम सिर्फ 350 तय कर दिया। एक पेटी पर लागत ही करीब 400 रुपये आती है। मजबूरन घाटे में सेब बेचना पड़ा।