जलसंकट से अब बारिश होने के बाद ही राहत की आस है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल योजनाओं में पानी 80 से 90 फीसदी तक सूख गया है। अच्छी बारिश होने के बाद ही स्रोत रिचार्ज होंगे और जलस्तर बढ़ेगा। शिमला को पानी की आपूर्ति करने वाली गिरि और गुम्मा परियोजना में जलस्तर घटने से राजधानी में जल संकट गहरा गया है। गुम्मा परियोजना की क्षमता 22 एमएलडी है, जबकि इस समय 10 से 12 एमएलडी और गिरि परियोजना की क्षमता 18 एमएलडी है, जबकि 8 से 10 एमएलडी पानी ही मिल रहा है। शिमला के साथ लगते कुसुम्पटी मंडल में जल शक्ति विभाग की 463 योजनाओं में से 45 योजनाएं सूख गई हैं।