बीते माह जीएम पद पर हुई थी तैनाती, निदेशक मंडल की बैठक में सौंपी गईं शक्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही कंपनी ने नए जीएम को फैसले लेने की शक्तियां सौंप दी हैं। लोक निर्माण विभाग में अधीक्षण अभियंता के पद से कंपनी में जीएम पद पर तैनात किए गए आरके वर्मा अब पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए नए कामों को मंजूरी दे सकेंगे।
शुक्रवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। अभी पेयजल कंपनी में सभी फैसले लेने की शक्तियां प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे चीफ इंजीनियर धर्मेंद्र गिल के पास थीं। गिल मंडी जिले में चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात हैं और ज्यादातर समय वहीं रहते हैं। ऐसे में शिमला में पेयजल व्यवस्था से जुड़े फैसलों में देरी न हो इसके लिए जीएम को कुछ वित्तीय शक्तियां दी गई हैं।
पेयजल कंपनी में जीएम के पद पर जलशक्ति विभाग की जगह लोक निर्माण विभाग से अफसर तैनात करने पर सवाल भी उठे थे। मंत्रियों की लड़ाई के चलते कंपनी ने जलशक्ति विभाग के अफसर को दरकिनार कर उनकी जगह लोनिवि का अफसर तैनात करने का फैसला लिया था। लोनिवि का अनुभव रखने वाले अधिकारी पेयजल व्यवस्था से जुड़े फैसले कैसे लेंगे, इस पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन अब कंपनी ने इन सभी चर्चाओं को विराम लगाते हुए नये जीएम को शक्तियां दे दी हैं। बैठक में फैसला लिया गया कि कंपनी जलशक्ति और लोनिवि की तरह कर्मचारियों और अधिकारियों का अलग कैडर तैयार करेगी ताकि दूसरे महकमों पर निर्भर न रहना पड़े। बैठक में वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट के कामों में तेजी लाने, भर्ती के लिए सेवा नियम तय करने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।