शनिवार सुबह आठ बजते ही फतेहपुर उपचुनाव को लेकर मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। मतदान की शुरुआत काफी धीमी रही और बहुत से मतदान केंद्रों पर इक्का-दुक्का लोग ही वोट डालने पहुंचे। सुबह 8:33 बजे अमर उजाला की टीम राजा का तालाब में चकवाड़ी मतदान केंद्र पर पहुंची। तीन लोग ही मतदान केंद्र पर पहुंचे थे। उसके बाद मतदाताओं की लाइनें लगनी शुरू हो गईं।
9:22 बजे टीम नेरना पहुंची। लोगों की मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ने लगी थी। मतदान केंद्र पर मौजूद आशा वर्कर संजना देवी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर मतदाता का मोबाइल फोन टेबल पर जमा कर रही थीं। इसके बाद थर्मल स्कैनिंग और हैंड सैनिटाजेशन के बाद हर मतदाता को ग्लव्ज दिए जा रहे थे। पुलिस कर्मी सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था के लिए मुस्तैदी के साथ जुटे हुए थे। 9:33 बजे तक नेरना-3 मतदान केंद्र पर 80 पुरुषों और 20 महिलाओं सहित कुल सौ वोट डल चुके थे। प्रो. नीरा ठाकुर और अन्य कई कर्मचारी जल्दी से वोट डालकर कॉलेज के लिए निकल गए। 9:50 बजे टीम कुटलाहड़ पहुंची। तक तक 68 पुरुष और 22 महिला मतदाताओं सहित कुल 90 मतदाता वोट डाल चुके थे, जबकि 12 लोग लाइन में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
खेहर में 11:35 तक कुल 582 में से 172 मतदाताओं ने वोट डाल दिया था, जबकि 40 के करीब लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। 11:56 पर टीम रैहन पहुंची तो पाया कि यहां रैहन-1 मतदान केंद्र पर 444 में से 136 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर चुके थे। 12:15 पर टीम 46-1-बरोट बरोट पोलिंग स्टेशन पर पहुंची। इस मतदान केंद्र का संचालन सभी महिला मतदान कर्मियों द्वारा किया जा रहा था।
गेट पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नरेश कुमारी व अनीता शर्मा और आशा वर्कर सुनीता देवी व आशा देवी मतदाताओं की थर्मल स्कैनिंग, हैंड सैनिटाइजेशन, ग्लव्ज देने के बाद मतदाता सूची की चेकिंग के बाद मतदान कक्ष में भेज रही थीं। आगे सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही महिला पुलिस कर्मी कंचन और प्रीता कुमारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवा रही थीं। इसके बाद मतदान कक्ष में प्रिजाइडिंग ऑफिसर प्रियदर्शनी कौंडल और पोलिंग ऑफिसर कमलेश देवी, दीप शीखा और रेणु बाला मतदान की प्रक्रिया को संपन्न करवा रही थीं। एक बजे तक फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में 28.23 फीसदी मतदान हुआ।
भोजन ने मिलने पर पर पुलिस कर्मी हुए खफा
1:05 पर अमर उजाला की टीम फतेहपुर मतदान केंद्र पर पहुंची। टीम ने पाया कि पोलिंग अधिकारियों को दोपहर का भोजन दिया जा रहा था, जबकि पुलिस कर्मियों को भोजन देने से ही मना कर दिया गया। भोजन के लिए लगे इन कर्मचारियों को ठेकेदार ने खाने की लाइन से ही हटा दिया। इस अव्यवस्था से पुलिस कर्मी खफा नजर आए। इस अव्यवस्था बारे निर्वाचन अधिकारी को भी अवगत करवाया गया।
इन्होंने बाद में पुलिस कर्मियों को भोजन देने के निर्देश दिए। वहीं, करीब डेढ़ बजे डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल और एसपी कांगड़ा डॉ. खुशहाल चंद शर्मा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए फतेहपुर पहुंचे। इस दौरान आशा वर्कर ने डीसी कांगड़ा और एसपी कांगड़ा की थर्मल स्कैनिंग की और सैनिटाइजेशन के बाद ही बूथ पर जायजा लेने के लिए मतदान कक्ष के अंदर जाने दिया। आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी के प्रति जिम्मेदारी की डीसी और एसपी ने खूब सराहना की।