मंडी नगर निगम में फिर भाजपा का डंका बजा है। भाजपा पार्षद और पूर्व डिप्टी मेयर वीरेंद्र भट्ट को मेयर और माधुरी कपूर को सर्वसम्मति से डिप्टी मेयर चुना गया। चुनाव प्रक्रिया में चारों कांग्रेसी पार्षद मौजूद रहे, लेकिन कांग्रेस की तरफ से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया। हालांकि भाजपा की एक महिला पार्षद ने चुनावी प्रक्रिया से किनारा किया।
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चुनाव प्रक्रिया से पहले सर्किट हाउस मंडी में शनिवार को भाजपा विधायकों और पार्षदों की दोनों पदों के लिए नाम तय करने पर मैराथन बैठक हुई। इसमें मेयर और डिप्टी का नाम तय करने पर विरोध के स्वर भी उठे। मगर वह हाईकमान के फैसले पर हावी नहीं हो पाए। बैठक में नाम तय होने के बाद विधायक और भाजपा पार्षद 12 बजे के बाद नगर निगम कार्यालय पहुंचे।
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नगर निगम कार्यालय में डीसी अरिंदम चौधरी, एडीसी निवेदिता नेगी और कांग्रेस पार्षद पहले से ही मौजूद थे। भाजपा पार्षदों के पहुंचने के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। निगम कार्यालय सभागार में पीठासीन अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त निवेदिता नेगी की मौजूदगी में सन्यारडी वार्ड से पार्षद वीरेंद्र आर्य ने महापौर पद के लिए वीरेंद्र भट्ट का नाम प्रस्तावित किया, जिसे हाउस ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।
वहीं, बैहना वार्ड के पार्षद कृष्ण भानु ने उपमहापौर पद के लिए माधुरी कपूर के नाम को प्रस्तावित किया, जिसे भी सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। इसके उपरांत पीठासीन अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त ने महापौर और उपमहापौर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
ढाई साल पहने बना था मंडी नगर निगम
ढाई साल पहले बने नगर निगम मंडी में 15 वार्डों से पार्षद चुनकर आए थे। 11 पार्षद भाजपा और चार पार्षद कांग्रेस से हैं। महापौर के लिए महिला के लिए आरक्षित पद होने के चलते दिपाली जसवाल महापौर चुनी गई थीं, वहीं वीरेंद्र भट्ट उपमहापौर बने थे। इनका कार्यकाल ढाई वर्ष का था। उनका कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात इस बार महापौर पद अनारक्षित था। चुनाव के दौरान मंडी सदर विधायक अनिल शर्मा, बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी, द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, नगर निगम के आयुक्त एचएस राणा सहित पार्षद मौजूद रहे।