हिमाचल कांग्रेस में हो रही उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को नई दिल्ली जाकर राज्य कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला से मिले। उन्होंने लोकसभा चुनाव प्रचार का अपडेट दिया और पार्टी की संभावनाओं पर चर्चा की।
माना जा रहा है कि सीपीएस राजेश धर्माणी के इस्तीफे और फोन टैपिंग केस में आरोपी पूर्व डीजी आईडी भंडारी के घर धूमल के साथ एकत्र हुए कांग्रेस विधायकों की घटना पर भी चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव में संगठन के कामकाज का अपडेट भी पार्टी के सामने रखा। मुख्यमंत्री सुबह दिल्ली गए थे और मंगलवार शाम को शिमला लौट रहे हैं।
इसके बाद सोमवार शाम को ही कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू भी राजीव शुक्ला से मिले और चुनावों को लेकर अपडेट दिया। उधर कांग्रेस हाईकमान ने सीपीएस पद से इस्तीफा देने वाले राजेश धर्माणी को भी दिल्ली बुलाया है। चर्चा है कि उनके दिल्ली जाने तक उनका इस्तीफा भी स्वीकार नहीं होगा।
हालांकि राजेश धर्माणी स्पष्ट कर चुके हैं कि इस बार उन्होंने इस्तीफा वापस लेने के लिए नहीं दिया है। इसकी वजह भी एक नहीं है। सरकार में जिस तरह से उन्हें नजरअंदाज किया गया है, इस बारे में वह कई बार नाराजगी हाईकमान में भी जता चुके हैं। धर्माणी ने कहा है कि यह उनकी कोई निजी लड़ाई नहीं है।
न ही मंत्रीपद का कोई मसला है। काम नहीं होने के कारण वह सीपीएस के पद पर बना नहीं रहना चाहिए। पहले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लिया था। अब फिर इस्तीफा भेजा है। इस्तीफा वापस लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता।