विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी का भगवाकरण हो रहा है। स्वास्थ्य सेवा सुधारने के बजाय इसे भगवा और हरे रंग में रंगा जा रहा है। यह अस्पताल कम, भाजपा का मुख्यालय अधिक लग रहा है।
अस्पताल के मुखिया के फोटो को आरएसएस की ड्रेस में दिखाते हुए कहा कि वह चिकित्सक और सरकारी कर्मचारी की तरह से काम करें। विवि के मुखिया भी अपने को सरेआम आरएसएस का बता रहे हैं।
हाईकमान का आदेश होगा मान्य
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि 2019 के लोस चुनाव में मंडी से चुनाव लड़ने का उन्होंने फैसला नहीं लिया है। पार्टी हाईकमान का आदेश होगा तो वह उनके लिए मान्य है। मंडी से हमारे परिवार का विशेष लगाव रहा है। मेरे पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मंडी से चार बार सांसद रहे हैं। माता दो बार सांसद बनीं थीं।