तहसीलदार कंडाघाट ओपी मेहता ने बताया कि मंदिर के मुख्य पुजारी और अन्य एसडीएम कोर्ट में चले गए हैं। अपील के बाद अब एसडीएम कार्यालय से ही रामलोक मंदिर के संबंध में नया आदेश लागू होगा।
जब तक यह मामला सुनवाई में रहेगा तब तक उनका फैसला स्टे में रहेगा। ऐसे में न तो रामलोक मंदिर के कर्ताधर्ताओं जुर्माना लिया जा सकता है और न ही मंदिर का सरकारी अधिग्रहण हो सकता है।