पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके परिवार की संपत्ति की जांच सरकार ने विजिलेंस को सौंप दी है। सरकार के निर्देश पर विजिलेंस ने जांच का जिम्मा एसआईयू 2 को देने का फैसला लिया है। विजिलेंस की इस टीम ने धूमल परिवार की संपत्ति की शुरुआती जांच की थी। इसे सीबीआई को सौंपने के फैसले के बाद जांच बंद कर दी थी।
गृह विभाग से मामले में चार बार मंत्रणा करने के बाद विजिलेंस से तफ्तीश करवाने का अंतिम फैसला सरकार ने लिया है। धर्मशाला के एक अधिवक्ता ने धूमल और उनके परिवार पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगाए हैं। अधिवक्ता ने विजिलेंस के पास लिखित में जानकारी दी है। अब एक बार फिर मामला विजिलेंस के पास आ गया है।
शिकायत पत्र सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री धूमल खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनकी संपत्ति की जांच करवाने का आग्रह कर चुके हैं। उन्होंने वीरभद्र सरकार पर द्वेष की भावना से झूठी शिकायतों के आधार पर जांच करवाने के आरोप लगाए हैं।
जांच के बाद एफआईआर का भी दावा
मामला विजिलेंस को सौंपने से पहले हुई अंतिम बैठक में हर पहलू पर चर्चा हुई। अधिकांश अफसर इस बात से सहमत नहीं थे कि इस शिकायत के आधार पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाए। शिकायत पत्र में ज्यादातर जगहों के नाम लिखे हैं, उनके स्थायी पते नहीं दिए गए हैं। इसलिए सभी की सहमति के बाद फैसला लिया कि शुरुआती जांच में तथ्य सामने आने के बाद एफआईआर की जाए।
डीडब्ल्यू नेगी करेंगे मामले की जांच
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी एसआईयू 2 के इंचार्ज हैं। पहले भी इस शिकायत पत्र पर शुरुआती जांच कर चुके हैं। नेगी की गिनती मुख्यमंत्री के खास तेजतर्रार अफसरों में होती है। जांच में एक स्पेशल टीम का गठन किया जा रहा है। इन्हें आगे दो से तीन सदस्यीय टीम में बांटा जाएगा।
दिवाली के बाद पूर्व सीएम से पूछताछ की तैयारी
शिकायत पत्र में बताई गई जगहों की जांच ये समूह करेंगे। अपनी रिपोर्ट डीडब्ल्यू नेगी को सौंपेंगे। सूत्र बताते हैं पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों को दिवाली के बाद शिकायत पत्र के आधार पर प्रश्नावली भेजने की तैयारी शुरू हो गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके परिवार की संपत्ति को लेकर शिकायत पत्र के आधार पर विजिलेंस ही जांच करेगी। सरकार से निर्देश आ चुके हैं। एसआईयू 2 के इंचार्ज एसपी डीडब्ल्यू नेगी जांच अफसर होंगे।- पृथ्वी राज, एडीजीपी विजिलेंस
मेरी संपत्ति की जांच कराना कोई नई बात नहीं है। पहले भी संपत्ति की जांच हुई है। इससे ज्यादा इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।- प्रेम कुमार धूमल, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री