हिमाचल के मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस टिकट पर लड़कर चुनाव हारने वाले आश्रय शर्मा के फेसबुक पेज पर आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह के बेटे रजत का वीडियो पोस्ट किया गया है। यह वीडियो किसी कार्यालय का है। इसमें अधिकारियों से बात करते हुए रजत बीच-बीच में तलख हो रहे हैं। एक महिला भी रोती हुई सुनी जा सकती है। फेसबुक पोस्ट के कैप्शन में लिखा है कि जंगलराज की ओर हिमाचल। कर्मचारियों को किस तरह प्रताड़ित किया जाता है।
सर्वश्रेष्ठ मंत्री कहने वाले नंबर वन आईपीएच मंत्री के पुत्र जो प्रदेश भाजयुमो पदाधिकारी हैं, किस तरह दफ्तर में महिला कर्मचारियों को धमका रहे हैं। महिला कर्मचारी बेबसी पर आंसू बहा रही है। उधर, रजत का कहना है कि कुछ लोगों के कहने पर विभाग चुनिंदा लोगों को ही मनरेगा योजना का लाभ दे रहा है। शिकायतों पर प्रतिनिधिमंडल श्रम विभाग के मंडी कार्यालय गया था। इसमें मनरेगा मजदूर और पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाए थे के कुछ चुनिंदा लोग विभाग के कुछ कर्मचारियों की शह पर गलत उगाही कर रहे हैं। मनरेगा मजदूरों की रजिस्ट्रेशन बुक की रिन्यू के लिए मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं।
इसमें विजिलेंस जांच होनी चाहिए। विपक्ष का काम सिर्फ षड्यंत्र रचना है। उल्लेखनीय है कि 23 दिसंबर, 2019 को मंडी के सेरी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह, सांसद रामस्वरूप शर्मा ने आश्रय के पिता एवं सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा को खूब खरी खोटी सुनाई थी। अनिल शर्मा में सीएम जयराम ठाकुर के दो साल का समय यह कहकर मांगा था कि वह मंडी की तस्वीर बदल देंगे। उधर, इस संबंध में आश्रय शर्मा ने मेरी टीम ने यह वीडियो पोस्ट किया है। हाल ही में सेरी मंच पर हुए कार्यक्रम में मेरे पिता का अपमान किया गया था। दूसरों पर आरोप लगाने से पहले मंत्री अपने गिरेबां में झांकें और बेटे को अनुशासन सिखाएं। अधिकारियों को धमकाना कौन सा तरीका है।