आंगनबाड़ी केंद्र में नन्हे-मुन्नों से मिलीं उपराष्ट्रपति की पत्नी
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एनआईटी का विश्व मामलों की परिषद से होगा एमओयू : धनखड़
एनआईटी हमीरपुर और भारतीय विश्व मामलों की परिषद (इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स) के बीच एमओयू होगा। संस्थान के स्टूडेंट्स को शीघ्र ही परिषद के साथ संयुक्त नवाचार का मंच प्राप्त होगा। यह घोषणा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एनआईटी हमीरपुर में आयोजित विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका कार्यक्रम में की। इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स के उपराष्ट्रपति चेयरमैन हैं। उन्होंने एनआईटी हमीरपुर के छात्रों को नए संसद भवन का दौरा करने का आमंत्रण भी दिया। समय की कमी के बावजूद उपराष्ट्रपति मंच से उतर कर विद्यार्थियों के बीच में पहुंचे और हाथ जोड़ कर सभी को यह आमंत्रण दिया। एनआईटी हमीरपुर में कार्यक्रम तय समय से देरी से शुरू हुआ। साढ़े तीन बजे उपराष्ट्रपति ने संबोधन शुरू किया। इस दौरान हर मिनट बाद तालियों से सभागार गूंजता रहा। तीस मिनट के भाषण में उपराष्ट्रपति ने एक शेयर भी बोला। उन्होंने कहा कि इतने हिस्सों में बट गया हूं मैं. मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं। उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के जोशीले भाषण से कायल होकर यह प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि अब कहने को कुछ ज्यादा बचा नहीं है। तीन मिनट के भाषण में उपराष्ट्रपति हर गंभीर विषय पर चर्चा भी की और अपनी तार्किक बातों से सभागार में मौजूद हर किसी को ठहाके लगाने पर विवश कर दिया। राष्ट्र भविष्य को लेकर युवा मन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान कौशल और नवाचार को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने 2030 तक भारत को 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया, जो कई विकसित देशों को पीछे छोड़ देगा।
स्टूडेंट से नहीं हुआ सीधा संवाद
केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने छात्रों को खेलो इंडिया, ड्रग फ्री इंडिया और विकसित भारत की योजना के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया। इस मौके पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी, एनआईटी हमीरपुर के निदेशक एचएम सूर्यवंशी व रजिस्ट्रार अर्चना ननोटी उपस्थित रहीं। विद्यार्थियों से उपराष्ट्रपति समय की कमी की वजह से सीधा संवाद नहीं कर पाए। विकसित भारत विषय पर विद्यार्थियों की तरफ से आइडिया दिए जाने प्रस्तावित थे, लेकिन तय समय से देरी से कार्यक्रम शुरू होने के कारण चयनित 10 विद्यार्थी इस मौके से चूक गए।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक से श्रेष्ठ कार्यक्रम के बारे में बताया कि हमारा संकल्प, हमारा प्रयास-सबको शिक्षा, सबका विकास के ध्येय वाक्य से एक से श्रेष्ठ कार्यक्रम शिक्षा के समग्र विकास में हमारी एक पहल है। कई बार ये नाम सुनकर लोग चौंक जाते हैं कि भला ये क्या बला है। मैं बताना चाहूंगा कि श्रेष्ठता एक माध्यम है प्रेरणा का, श्रेष्ठता एक अनुभव है परिवर्तन का, श्रेष्ठता एक अवस्था है पूर्णता का और हम अपने एक से श्रेष्ठ सेंटरों में हमारे होनहारों को, भविष्य के कर्णधारों को इसी मूलमंत्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत संकल्प की सिद्धि के लिए 360 डिग्री ट्रेनिंग देते हैं। उन्होंने कहा कि एक से श्रेष्ठ का उद्देश्य पंचायत स्तर पर उसके आसपास के क्षेत्र के शिक्षकों के माध्यम से, किसी भी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि को छोड़कर, बच्चों के समग्र विकास के लिए स्कूल के घंटों के बाद कक्षाएं निशुल्क सुनिश्चित करना है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग यहां के विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के लिए एक से श्रेष्ठ जैसा अनूठा कार्यक्रम चला रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में घूमने के दौरान मुझे पता चला कि अनुराग ठाकुर के कई अनूठे कार्यक्रम यहां बहुत लोकप्रिय हैं। सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा, खेल महाकुंभ, हुनर से शिखर जैसे कई कार्यक्रम सभी वर्गों को लाभान्वित ही नहीं कर रहे, बल्कि पूरे देश में एक मॉडल के रूप में अपनाए जा रहे हैं।