महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। पहली बार एनडीए-सीडीएस की परीक्षा देने का मौका मिला है, इसे हाथ से जाने नहीं देंगी। सेना में जाकर देशसेवा करने की चाह ही इस परीक्षा के लिए खींच लाई है। पहली बार एनडीए-सीडीएस की परीक्षा देने आईं युवतियों ने अमर उजाला से खुलकर अपने दिल की बात कही।
संघ लोक सेवा आयोग ने रविवार को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी-2021 की परीक्षा करवाई। इस परीक्षा में पहली बार युवतियों ने भी हिस्सा लिया। शिमला के अधिकांश केंद्रों में भारी संख्या में लड़कियां भी परीक्षा देने के लिए पहुंचीं। उनका कहना था कि पहली बार यह परीक्षा देने का मौका मिला है। इसे हाथ से नहीं जाने देंगी। कॉलेज छात्राओं ने करीब एक महीने की मेहनत के बाद यह परीक्षा दी है। युवतियों ने बताया कि पहले चरण में मैथ का पेपर ज्यादा मुश्किल नहीं था। दूसरे चरण के जनरल एबिलिटी टेस्ट (जीएटी) के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल तैयारियां पूरी की हैं।
देश की आजादी में महिलाओं का बड़ा योगदान : वत्सल
डीएवी स्कूल मनेई (कांगड़ा) की वत्सल ने आरकेएमवी शिमला में एनडीए की परीक्षा दी। वत्सल ने परीक्षा में पहली बार लड़कियों को शामिल करने पर खुशी जताई। कहा कि देश की आजादी और देश की सुरक्षा के लिए महिलाओं का बहुत योगदान रहा है। अब एनडीए की परीक्षा में भी महिलाओं को शामिल करने से भागीदारी और अधिक बढ़ जाएगी।
नेवी में जाना है मेरा लक्ष्य : ईशा
हमीरपुर की ईशा ठाकुर ने बताया कि पहली बार पेपर देने का अनुभव मिला है। अगर वह परीक्षा में पास भी नहीं होती हैं तो अगली बार पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने आऊंगी। नेवी में जाकर देश सेवा करना सपना है। इसके लिए जीतोड़ मेहनत करूंगी।
पहला मौका है, अनुभव तो मिलेगा : शिवानी
कॉलेज छात्रा शिवानी ने बताया कि उन्हें एक महीने पहले ही पता चला कि अब लड़कियों को भी एनडीए में बैठने दिया जाएगा। लिहाजा, फॉर्म भरकर पढ़ाई शुरू कर दी। केमिस्ट्री, मैथ और अन्य सिलेबस कॉलेज में पढ़ रही हैं तो परीक्षा देने में समस्या नहीं आई। मैथ का पेपर भी ज्यादा कठिन नहीं था। पहला मौका है, इससे अनुभव तो मिलेगा।
पिता से मिली प्रेरणा: आंचल चौहान
उत्तराखंड में गढ़वाल राइफल में सेवाएं देने वाले सैनिक की बेटी आंचल चौहान ने बताया कि 350 किलोमीटर दूर सफर कर उसने आरकेएमवी शिमला में परीक्षा दी। उसका लक्ष्य भारतीय सेना में जाकर देश का प्रतिनिधित्व करके रक्षा करना है। पिता की ओर से देश के लिए की जा रही सेवा से ही प्रेरणा मिली है।
पूरी तैयारी के साथ आई थी, पेपर भी अच्छा हुआ: अनिका
शिमला की अनिका मैथ का पेपर देने के बाद साढ़े बारह बजे केंद्र से बाहर निकलीं तो चेहरे पर खुशी झलक रही थी। उन्होंने बताया कि मैथ का पेपर अच्छा हुआ है। इसके लिए पूरी तैयारी की थी। इसके बाद एसएसबी का साक्षात्कार होगा। अभी थोड़ा समय मिला है तो जीएटी की तैयारी कर लेती हूं, जिससे अगली परीक्षा भी अच्छी हो।
एनडीए और सीडीएस परीक्षा को लेकर कम दिखा अभ्यर्थियों में जोश
संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित एनडीए और सीडीएस की परीक्षा को लेकर राजधानी शिमला में अभ्यर्थियों में कम जोश दिखा। दोनों परीक्षाओं में 50 फीसदी से कम अभ्यर्थियों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। राजधानी शिमला के 31 परीक्षा केंद्रों में एनडीए और सीडीएस की परीक्षा का आयोजन हुआ। एनडीए परीक्षा देने के लिए महिलाओं को पहली बार मिली मंजूरी को लेकर अभ्यर्थी लड़कियां काफी उत्साहित नजर आईं।
रविवार को शिमला में आयोजित परीक्षा राज्य लोक सेवा आयोग की देखरेख में हुई। एनडीए की परीक्षा में सुबह के सत्र में 3214 अभ्यर्थी शामिल हुए जबकि 2360 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरे सत्र की परीक्षा में 3164 अभ्यर्थी मौजूद रहे जबकि 2408 ने परीक्षा नहीं दी। सीडीएस की परीक्षा का आयोजन 3 शिफ्टों में हुआ। पहली परीक्षा में 1447 अभ्यर्थी मौजूद रहे जबकि 1499 अनुपस्थित रहे। दूसरी परीक्षा में 1449 अभ्यर्थी शामिल हुए जबकि 1497 अनुपस्थित रहे। तीसरी परीक्षा में 607 अभ्यर्थी शामिल हुए जबकि 653 ने परीक्षा नहीं दी।