चिंतपूर्णी में गले में ढोल डालकर घूम रहे इस मासूम बच्चे की उम्र सिर्फ सात साल है, लेकिन घर की फिक्र ने इसे इस उम्र में ही वो जिम्मेदारी डाल दी है जो इस बच्चे के लिए किसी मजबूरी से कम नहीं होगी।
चिंतपूर्णी सावन मेले में राजू सबके लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा और जब राजू गले में डालकर ढोल को बजाता है तो इसके ढोल बजाने की कल को देख हर कोई हैरान होता है और इस बच्चे को अपने कैमरे में भी कैद करते हैं।
गरीबी सचमुच इंसान से क्या क्या नहीं करवाती है। राजू ने भी शायद परिवार की गरीबी दूर करने के लिए ये रास्ता चुना हो राजू मेहनत करने के साथ स्कूल भी जाता है और पढ़ाई भी करता है। चिंतपूर्णी सावन मेले में उसकी ढोल बजाने की काबिलियत की हर कोई प्रशंसा करता नजर आया।