मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को भी इस बजट में तोहफा दिया है। दो ट्राउट हैचरी और तीन मत्स्य खुदरा विक्रय केंद्र खोले जाएंगे। इस कारोबार से जुड़े हजारों लोगों के लिए यह बजट तोहफे देने वाला है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 2019-2020 के वार्षिक बजट में ट्राउट उत्पादन के विस्तार के साथ ही मछुआरों को ट्राउट सीड की भी आवश्यकता होती है। सरकारी और निजी क्षेत्र की सहभागिता से दो ट्राउट हेचरी स्थापित होंगी।
निजी क्षेत्र की भागीदारी से कुल्लू में स्मोक्ड ट्राउट और फिले कैनिंग सेंटर स्थापित होंगे। बजट में मछुआरों को बाजार में सही मूल्य दिलाने के लिए कांगड़ा, चंबा और शिमला जिलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से मत्स्य खुदरा विक्रय केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के ट्राउट मत्स्य पालकों को बारिश और आकस्मिक बाढ़ के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इन मत्स्य पालकों की इकाइयों को बीमाकृत करने के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में उचित योजना तैयार की जाएगी।