अब आईजीएमसी में पीजीआई चंडीगढ़ से महंगा अल्ट्रासाउंड होगा। पीजीआई में जनरल वार्ड में जहां 100 रुपये में अल्ट्रासाउंड हो रहा है वहीं आईजीएमसी में 150 रुपये में अल्ट्रासाउंड होगा।
रोगी कल्याण समिति फीस दरों को शीघ्र बढ़ा रही है। 13 नवंबर को होने वाली आरकेएस की बैठक में नई फीस दरों पर मुहर लग सकती है।
आईजीएमसी में महंगे इलाज के लिए मरीज तैयार रहें। इसमें ऑपरेशन फीस, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और स्पेशल वार्ड के कमरे शामिल हैं।
साल 2009 के बाद किसी भी तरह की टेस्ट फीस बढ़ोतरी नहीं हुई है। अब फीस बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। आरकेएस की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
वहीं ठेकेदारों के तहत कार्य कर रहे वार्ड ब्वाय भी रोगी कल्याण समिति के अधीन लिए जाएंगे। साथ ही पांच ईसीजी कर्मचारी भी आरकेएस के अधीन लाए जाएंगे।
121 वार्ड ब्वाय और 5 ईसीजी कर्मचारियों को भी रोगी कल्याण समिति के तहत लाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। मंजूरी मिलने पर ये कर्मचारी ठेकेदारों से मुक्त होकर सीधे आरकेएस के अनुबंध में आ जाएंगे। बरसों से ये ठेकेदारों के अधीन काम कर रहे थे।
शेयरिंग रूम 300 से 500, सिंगल रूम 300 से 1000 और वीआईपी रूम 500 से 1500 प्रस्तावित किया गया है। आईजीएमसी में अन्य इलाज भी महंगा हो रहा है। रोगियों के मिलने वाले कमरे भी महंगे होंगे। प्राइवेट वार्डों के दाम बढ़ रहे हैं।
जनरल वार्ड 100 500, स्पेशल वार्ड 500 1000, जनरल वार्ड 200 1000 प्रस्तावित, स्पेशल वार्ड 900 2000 प्रस्तावित, माइनर ऑपरेशन, माइनर ओटी चार्ज जनरल वार्ड 25 से 60 और स्पेशल वार्ड 100 से 200 रूपए होंगे।