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वीरभद्र सरकार का अपनी ही खुफिया एजेंसियों से उठा भरोसा

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वीरभद्र सरकार का अपनी ही खुफिया और जांच एजेंसियों से भरोसा उठ गया है। राज्य सरकार ने प्रदेश गुप्तचर विभाग (सीआईडी) और जिला पुलिस के इंटेलिजेंस नेटवर्क में व्यापक फेरबदल की तैयारी की है। दिलचस्प है कि मंगलवार को बाकायदा राज्य सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय ने मीडिया को प्रेस नोट जारी कर जांच एजेंसियों की हाल ही में हुई चूक पर गंभीरता दिखाने की बात कही है।
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यह चूक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के घर पर सीबीआई छापे के समय की सही जानकारी न मिल पाना मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो 26 सितंबर को जब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी निवास स्थान पर सीबीआई का छापा पड़ा तो इसके लिए टीम के पहुंचने की किसी भी खुफिया एजेंसी को भनक नहीं लगी।

खुफिया एजेंसियों से हुई ये चूक

सील्ड रोड होने के बावजूद पंजाब और दिल्ली नंबरों की गाड़ियां हॉली लॉज तक आती-जाती रहीं। सुबह सात बजे सीबीआई टीम हॉली लॉज पहुंच गई। हालांकि सीएम की बेटी की इसी दिन शादी थी तो मेहमानों ने भी हॉली लॉज आना था। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी निवास पर पहुंची सीबीआई टीम की गाड़ियों को अतिथियों की गाड़ियां मानकर नहीं रोका गया।

खुफिया एजेंसियां मेहमानों और सीबीआई के अधिकारियों की गाड़ियों में भेद नहीं करने में नाकाम रहीं। इसी चूक पर सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रेस नोट में सरकार ने जांच एजेंसियों की प्रक्रियाओं में व्यापक स्तर पर सुधार करने के आदेश दिए हैं, जिसमें स्टाफ के बदलाव भी शामिल हैं। इन एजेंसियों के कर्मियों के अतिरिक्त इनकी कार्यप्रणाली को भी और बेहतर एवं चुस्त-दुरुस्त बनाया जाएगा।

अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं

एजेंसियों में नियंत्रण तंत्र और सूचना एकत्र करने की पद्धतियों का भी पुन: निर्धारण किया जाएगा और अगर किसी प्रकार की चूक पाई जाएगी तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अपनी ही खुफिया एजेंसी पर सवाल उठाते हुए ये प्रेस नोट क्यों जारी करना पड़ा, यह भी एक अलग चर्चा का विषय है।

हालांकि इस पर कोई अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह पीसी धीमान ने भी इस बारे में कुछ कहने से इंकार कर दिया। उधर डीजीपी संजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में अभी सरकार की तरफ से कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है।
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चूक तो सीबीआई से भी हुई

सूत्र बताते चूक सीबीआई की तरफ से भी हुई। सीबीआई को पता ही नहीं था कि उस दिन मुख्यमंत्री की बेटी की शादी है। मुख्यमंत्री की बेटी की शादी की यह खबर हिमाचल में बहुत ही कम लोगों को पता थी। यह सूचना सिर्फ चुनिंदा लोगों को शादी से ठीक एक दिन पहले फोन पर दी गई थी। इसलिए सीबीआई को भी इस शादी की भनक तक नहीं लगी वर्ना वह एक दिन ठहर जाती। ऐसा खुद सीबीआई के एक अफसर का मानना है।

बताते चलें कि मुख्यमंत्री व उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर चार दिन पहले ही हो गई थी। जब ईद की छुट्टी के कारण सीबीआई छापा टाल सकती थी तो विवाह के लिए भी अपना कार्यक्रम एक दिन स्थगित कर सकती थी। और सीबीआई वेबजह शादी के दिन छापामारी के विवाद में न घिरती।
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