हिमाचल में अब भवनों के नक्शे पास कराने के लिए पहले से एनओसी लेने की जरूरत नहीं है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग आवेदन के मात्र 30 दिन के भीतर नक्शा पास कर देगा। इसके बाद भवन निर्माण किया जा सकेगा। कंपलीशन सर्टिफिकेट आपको तभी मिलेगा, जब विभागों का एनओसी दिया जाएगा। इन्वेस्टर मीट के चलते उद्योगों और बिल्डरों को रिझाने के लिए प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है।
सरकार के इस फैसले से आम लोगों को भी घर बनाने में राहत मिलेगी। टीसीपी आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाने जा रही है। पहले लोगों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के लिए कई विभागों के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। टीसीपी का तर्क है कि लोग मकान बनाने के लिए लोन लेते हैं। समय पर नक्शा पास न होने पर अतिरिक्त ब्याज देना पड़ता है।
टीसीपी एरिया में अभी लोगों को नक्शा पास कराने से पहले पर्यावरण, फॉरेस्ट, आईपीएच, बिजली बोर्ड आदि विभागों से एनओसी लेने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में लंबा समय लग जाता है। नियम कड़े होने से बिल्डर कॉलोनियों का निर्माण नहीं कर पा रहे थे। अब आवेदन के दौरान लोगों को प्लॉट के चित्र के साथ सिर्फ ततीमा और जमाबंदी देनी होगी।
टीसीपी कर्मचारी सिर्फ एक बार मौके का निरीक्षण करेगा। उसके बाद निर्धारित समय पर लोगों को नक्शा पास करके दिया जाएगा। अभी लोगों को नक्शा पास कराने के लिए टीसीपी कार्यालय में प्लॉट के 7 चित्र देने पड़ते हैं। उसके बाद टीसीपी का जूनियर इंजीनियर मौके का निरीक्षण करता है। यह मानचित्र सभी विभागों में मंजूरी के लिए जाता है।
बिल्डर और लोगों से पहले एनओसी लेने की प्रक्रिया को खत्म किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को लाया जा रहा है। इसमें लोगों को राहत मिलेगी
। - सी पालरासू, सचिव, टीसीपी