शिमला। हिल्सक्वीन शिमला में कोरोना की मार से चौपट हो चुका पर्यटन कारोबार एक बार फिर पटरी पर लौटना शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के तीन महीने बाद शहर मे सैलानियों की आमद बढ़नी शुरू हो गई है। विशेषकर वीकेंड पर बड़ी संख्या में सैलानी शिमला का रुख कर रहे हैं। अगले महीने फेस्टिवल सीजन शुरू होने के बाद शहर में सैलानियों की रौनक बढ़ने की उम्मीद है। होटलों में ऑक्यूपेंसी बढ़नी शुरू हो गई। पर्यटन स्थलों पर कारोबार करने वाले कारोबारी टैक्सी ऑपरेटर, गाइड, टूर ऑपरेटर, घोड़ा संचालक, फोटोग्राफर सभी उत्साहित हैं।
रेलवे ने शिमला और कालका के बीच छह गाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया है। कालका शिमला हैरिटेज रेलवे ट्रैक से होकर शिमला पहुंचने वाली गाड़ियों में ऑक्यूपेंसी बढ़नी शुरू हो गई है। बीते दो वीकेंड से शहर के होटलों में आक्यूपैंसी 50 से 70 फीसदी चल रही है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों में भी ऑक्यूपेंसी बढ़ने लगी है। कुफरी, नारकंडा, मशोबरा, नालदेहरा में भी सैलानियों की चहल पहल बढ़ने से पर्यटन कारोबारी उत्साहित हैं। हालांकि कोरोना की मार के कारण दो सालों से नुकसान झेल रहे पर्यटन कारोबारी अभी पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं। पर्यटन कारोबारी सरकार से राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं। शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने बताया कि शिमला में वीकेंड पर टूरिस्टों की आमद बढ़ रही है। फेस्टिवल सीजन के दौरान अधिक संख्या में टूरिस्टों के शिमला पहुंचने की उम्मीद है। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के महासचिव मनु सूद ने बताया की कोरोना की दूसरी लहर के बाद एक बार फिर पर्यटन कारोबार पटरी पर लौटने लगा है। फेस्टिवल सीजन में अच्छे काम की उम्मीद है।
टूरिस्टों की आमद बढ़ी लेकिन एहतियात जरूरी : अमित
पर्यटन विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि वीकेंड पर सैलानियों की आमद थोड़ी बढ़ना शुरू हो गई है। कोरोना का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। सैलानियों से आग्रह है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। मास्क अवश्य लगाएं और सामाजिक दूरी के नियम का भी पालन करें।