डीसी आफिस में जागरूकता के अभाव में लोग लुटने को मजबूर हैं। बिचौलिये दो रुपये के काम के 500 से 5 हजार रुपये वसूल रहे हैं। अगर आप भी जमीन की रजिस्ट्री करवाने जा रहे हैं या शादी का शपथ पत्र बनाने तो अब तहसील में पहचान के लिए बिचौलिये की बिलकुल जरूरत नहीं।
आप सीधे अधिकारी के पास अपना पहचान संबंधी कोई भी दस्तावेज ले जा सकते हैं। इसकी एक फोटोकापी साथ ले जाना अनिवार्य है। अफसर उसी समय उसे सत्यापित कर देगा। महज आपको पहचान संबंधी दस्तावेज की फोटो कॉपी करने के लिए दो रुपये खर्च करने होंगे।
आपकी बिचौलियों को दी जाने वाली फीस बच जाएगी।
इनमें से एक दस्तावेज साथ ले जाना जरूरी
पैन कार्ड, फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट , ड्राइविंग लाइसेंस, चुनाव पहचान पत्र या फिर आधार कार्ड। इनमें से एक दस्तावेज साथ ले जाना जरूरी है।
केवल दो रुपये होंगे खर्च
इन कार्यों को करने के लिए किसी बिचौलिये की जरूरत नहीं रहती है। आम लोगों से आग्रह है कि वह किसी भी राजस्व एवं अन्य कार्य में अपनी पहचान बताने के लिए बताए गए दस्तावेज को साथ लेकर आएं। यहां ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिसमें लोगों से फीस के तौर पर पांच सौ से लेकर पांच हजार तक पैसे लिए गए हैं। जबकि इसके लिए महज फोटोकापी की जरूरत रहती है, जो दो रुपये में हो जाती है। -अनिल शर्मा (शिमला शहरी) तहसीलदार
रोज लुट रहे लोग
उपायुक्त कार्यालय में रोजाना राजस्व और अन्य कार्यों को लेकर सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। कोई जमीन के पंजीकरण को लेकर तो कोई फ्लैट की खरीद फरोख्त तो कोई शादी का शपथ पत्र बनाने तहसील के चक्कर काटते हैं। इन औपचारिकताओं को कैसे पूरा किया जाए?
आम आदमी को इस बात की जानकारी नहीं रहती और न ही प्रशासन की ओर से यहां कोई पूछताछ केंद्र बनाया गया है, जहां से लोग गाइडेंस ले सके। लिहाजा आम आदमी काम करवाने के लिए तहसील के आसपास घूम रहे बिचौलियों का सहारा लेते हैं।
इसके लिए मोटी फीस भी चुकाते हैं। जागरूक न होने से लोगों के जेब पर कैंची चल रही है। बिचौलिये दो रुपये के काम के 500 से पांच हजार रुपये तक ऐंठ रहे हैं।