सिरमौर जिला के शिलाई से 23 साल की इस मरीज का दिल, लीवर, बड़ी आंत समेत कई अंग शरीर के भीतर विपरीत दिशा में हैं। हाल ही में यह युवती पेट दर्द के इलाज के लिए आईजीएमसी पहुंची थी।
लीवर, गॉल ब्लेडर, तीली, बड़ी आंत, एपेंडिक्स आदि सब उल्टी ओर पाए गए। यह देख डॉक्टरों में चर्चा का दौर शुरू हो गया। डॉक्टर हैरान थे कि 20 हजार लोगों में किसी एक का दिल या कोई अंग एक ओर हो सकता है।लेकिन इतने सारे अंग उल्टी ओर होना एकदम अनोखी बात है।
आईजीएमसी के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर आरएस झोबटा और सीनियर रेजीडेंट डॉ. अर्चित गुप्ता ने बताया कि ऐसा कितने हजार या कितने लाख लोगों में होता है, ऐसा लिटरेचर नहीं मिला। अब इस मामले को अंतरराष्ट्रीय फोरम पर ले जाने की तैयारी की जा रही है ताकि इस पर देश-विदेश में शोध हो सके।
युवती अब स्वस्थ है। आम मरीज की तरह युवती की 18 मई को सर्जरी हुई और 19 को छुट्टी दे दी गई। सर्जरी दूरबीन के एक ही चीरे से की गई। आईजीएमसी के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. आरएस झोबटा ने कहा कि आज तक उन्होंने इतना आसान ऑपरेशन नहीं किया।
उन्होंने दावा किया कि ऐसे मरीज की इतनी आसानी से एक ही चीरे से सर्जरी देश में शायद पहली बार हुई हो। यह मामला देश-दुनिया में शोध का एक अलग विषय होगा।
युवती शिमला के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। उसकी मां ने बताया कि पथरी को छोड़कर बेटी को कभी कोई बड़ी बीमारी नहीं हुई। पथरी की वजह से पहली बार टेस्ट हुए तो यह सब मालूम हुआ। वह अब स्वास्थ्य लाभ ले रही है।
लीवर सामान्य स्थिति में दाईं ओर होता है लेकिन यह बाईं ओर पाया गया। गॉल ब्लेडर दाईं ओर होती है, ये बाईं ओर मिली। तीली बाईं तरफ होती है जबकि युवती में दाईं ओर नजर आई। बड़ी आंत दाईं तरफ होती है जबकि बाईं ओर मिली। एपेंडिक्स दाईं ओर होता है और युवती में यह बाईं ओर दिखा।
सबसे पहले गैस्ट्रो के चिकित्सकों को लगा पता
शुरू में गैस्ट्रो के कंसलटेंट डॉ. राजेश शर्मा और डॉ. विशाल बौद्ध ने युवती का चेकअप किया। उन्हें यह अनोखी बात सबसे पहले पता चली। फिर सर्जरी प्रोफेसर आरएस झोबटा ने सर्जरी विभाग सहायक आचार्य डॉ. बलवंत नेगी, दो रेजिडेंट चिकित्सकों डॉ. कपिल नेगी, डॉ. अर्चित गुप्ता, एनास्थीसिया विभाग से डॉ. रविकांत डोगरा, डॉ. अमित और डॉ. निशा के सहयोग से की।