कृष्णानगर में किराये के मकान में रहने वाली राजकुमारी को भी पीएम आवास योजना में आशियाना मिलना है। टिफिन सर्विस चलाने के बावजूद परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि कमरे का किराया तक नहीं दे पाए। कुछ दिन पहले मकान मालिक ने भी बाहर कर दिया। अब बीसीएस में एक किराये का कमरा लिया है। बीते तीन महीने से राजकुमारी लगातार स्थानीय पार्षद बिट्टू कुमार के दफ्तर के चक्कर काट रही है।
हमारे लिए बनाए घर में कर्मचारी, हम कहां जाएं
कृष्णानगर में रहने वाली मोनिका के पास भी घर-जमीन नहीं है। पति सड़क हादसे के बाद बिस्तर पर है। घर का गुजारा करने के लिए मोनिका दूसरों के घरों पर काम करती है। मोनिका ने बताया कि पांच साल पहले उनका नाम भी आवास योजना में डाला गया। अब हमारे लिए बनाए आवासों में कर्मचारी ठहरा दिए हैं। हम कहां जाएं, कहां रहे, नगर निगम यह भी बता दें।
यह अस्थायी व्यवस्था, गरीबों को ही देंगे आवास : भारद्वाज
यह अस्थायी व्यवस्था है। कर्मचारियों के आवास जब तक नहीं बन जाते, तब तक इन्हें इन आवासों में ठहराया है। कर्मचारी आवास बनाकर इन्हें जल्द शिफ्ट कर दिया जाएगा। गरीबों के लिए बने आवास इन्हें ही आवंटित होंगे। -अजीत भारद्वाज, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम