उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए खोले गए स्कूलों को वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया है। ग्रामीण छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार लाने के लिए पहले चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई आधारित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से पूरे राज्य में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है और स्कूलों में छात्रों के लिए स्वेच्छा से स्मार्ट यूनिफॉर्म चुनने की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
इसके अलावा संघ प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के साथ सचिवालय में राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा की अध्यक्षता में मिला। इस दाैरान क्लस्टर सिस्टम पर तथा अन्य कुछ मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने जल्द ही प्राथमिक शिक्षक संघ को वार्ता के लिए बुलाने की बात कही, ताकि लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा कर समाधान किया जा सके। शिक्षा मंत्री और प्रधान मीडिया सलाहकार ने भी प्राथमिक शिक्षकों की मांगों को ध्यान से सुना और समाधान करने का विश्वास दिलाया।प्रतिनिधि मंडल में राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सिंह राव, महासचिव रजनीश कौशिक, कोषाध्यक्ष अनिल भाटिया, राज्य सह सचिव दीप वर्मा, महालेखाकार तेनजिंन नेगी, महिला विंग अध्यक्षा सुनीता शर्मा, राज्य के पूर्व अध्यक्ष जगदीश शर्मा, जिला बिलासपुर के अध्यक्ष राकेश पटियाल व महासचिव बाबूलाल भारद्वाज, जिला मंडी के अध्यक्ष बाबूराम कौंडल, जिला सोलन से महासचिव मनोहर लाल, शिमला के महासचिव हेम प्रकाश, राज्य के पूर्व महासचिव संजय पीसी तथा शिमला के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद चौहान शामिल थे।