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Shimla News: जांच रिपोर्ट पर होगा अब भट्ठाकुफर टनल का कार्य शुरू करने पर फैसला

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भट्ठाकुफर में जमीन धंसने के बाद से बंद पड़ा है टनल का निर्माण कार्य, लोगों के घरों में भी आ चुकी हैं दरारें
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जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम कर रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के भट्ठाकुफर में जमीन धंसने की जांच के लिए शिमला पहुंची जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम दो हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। जिला प्रशासन को सौंपी जाने वाली इस रिपोर्ट के आधार पर ही यहां फोरलेन की टनल के निर्माण पर फैसला लिया जाएगा। अभी टनल का काम प्रशासन के आदेश पर बंद है। जमीन धंसने के साथ लोगों के घरों में भी दरारें आ चुकी हैं।


यदि इस क्षेत्र में हो रहे धंसाव में टनल निर्माण ही बड़ा कारण सामने आता है तो इस पर प्रशासन बड़ा फैसला ले सकता है। टनल निर्माण की तकनीक बदलने से लेकर इसकी एलाइनमेंट तक पर नए निर्देश जारी हो सकते हैं। प्रशासन ने अभी टनल निर्माण पर पूर्ण रोक लगाई है। इसके अलावा पैकेज टू के तहत शकराला से ढली तक पूरे फोरलेन पर ब्लॉस्टिंग के काम पर रोक लगा दी है। इस रोक के बाद अब सिर्फ मशीनों से ही खोदाई का काम चलेगा। उधर जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की दो सदस्यीय टीम एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा की अगुवाई में शनिवार को फिर भट्ठाकुफर पहुंची। यहां धंस रही जमीन की वीडियोग्राफी के अलावा मिट्टी के सैंपल भी लिए। टीम के पहुंचते ही यहां लोग जुटना शुरू हो गए।
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स्थानीय लोगों ने कहा कि इस क्षेत्र की जांच तो ठीक है लेकिन वे काम शुरू नहीं होने देंगे। भट्ठाकुफर वार्ड के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि लोगों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। पहले फोरलेन कंपनी भरोसा दे कि यदि कोई नुकसान हुआ तो पूरा मुआवजा मिलेगा। यदि भरोसा नहीं मिला तो काम भी शुरू नहीं होगा। एडीएम ने लोगों को समझाया। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी फैसला होगा। लोगों की सुरक्षा के लिए ही मौके पर केंद्रीय टीम से सर्वे करवाया जा रहा है।
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टनल के ऊपर है भट्ठाकुफर बाजार
भट्ठाकुफर में जिस फोरलेन टनल के निर्माण पर जिला प्रशासन ने रोक लगाई है, उसके ठीक 33 मीटर ऊपर बाजार है। इसमें 40 से ज्यादा दुकानें, एक दर्जन भवन हैं। मौके पर करीब 500 मीटर लंबी टनल का निर्माण हो चुका है। जिला प्रशासन ने भू विज्ञानी से भी इस क्षेत्र की जांच करवाई है। इसकी रिपोर्ट में भूस्खलन और धंसाव के पीछे टनल निर्माण के प्रभाव को भी कारण माना गया है। हालांकि, सटीक कारण जानने के लिए केंद्रीय जांच टीम बुलाई है।
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