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खौफ: बंदरों के हमले से पूर्व अधिकारी की मौत

Wed, 22 Apr 2015 01:06 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, कांगड़ा
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हिमाचल प्रदेश में बंदरों के हमले से एक पूर्व अधिकारी की मौत हो गई है। वहीं सोलन जिला में बंदर के डर से महिला ने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी।
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पहला हादसा कांगड़ा के नूरपुर क्षेत्र का है। यहां पर वार्ड नंबर चार में तीन दिन पहले स्थानीय निवासी और केसीसी बैंक के सेवानिवृत प्रबंधक बलबीर पठानिया पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए नूरपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मगर यहां नाजुक हालत के चलते उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।

जहां सोमवार रात को उनकी मौत हो गई। बंदरों के हमले बुजुर्ग की मौत होने से स्थानीय लोग सदमे में हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी यहां बंदर कई स्थानीय लोगों पर हमला करके उन्हें घायल कर चुके हैं। खासकर बुजुर्ग बच्चे और महिलाएं बंदरों के निशाने पर हैं। वन मंडल अधिकारी संजय सेन ने बताया कि बंदरों को पकड़कर जंगल में भेजा जाएगा। इस बाबत स्टॉफ को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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बंदर के हमले पर महिला ने लगाई दो मंजिला मकान से छलांग

कालका-शिमला हाईवे पर जाबली पंचायत के कोटी वार्ड मे बंदरों ने एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। महिला ने अपना बचाव करते हुए दो मंजिला भवन से छलांग लगा दी।

महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गई है। 108 की सहायता से पीड़िता को ईएसआई अस्पताल परवाणू में भर्ती कर लिया गया है। इलाज करवाने अस्पताल पहुंची 27 वर्षीय इंदू के पति राजकुमार राय ने बताया की उनकी पत्नी घर की छत पर कपडे़ सूखाने गई थी।

अचानक बंदरों ने उन पर हमला बोल दिया। वह मदद के लिए चिल्लाई और हड़बड़ाहट में जान बचाने के चक्कर में दो मंजिला भवन से छलांग लगा दी। महिला के पति चक्की मोड में एक निजी कंपनी मे कार्यरत हैं। वह मूल रूप से बिहार छपरा के रहने वाले हैं।

फसलों से लेकर अब जान के दुश्मन बने बंदर
हिमाचल प्रदेश में बंदरों का आतंक ‌दिनप्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पहले जहां बंदर फसलों को उजाड़ रहे थे तो वहीं लगातार बढती जनसंख्या के कारण अब यह लोगों की जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बंदरों के हमले का शिकार होती हैं।
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