कार्यालय में धूल फांक रही कर्मचारियों की फाइल
अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे कंपनी के कर्मचारियों को पांच महीने का एरियर नहीं मिला है। इससे कर्मचारी परेशान हैं। यह ठेकेदार से लेकर कंपनी दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। पेयजल कंपनी ने सरकार की ओर से बढ़ी हुई दरों पर दिहाड़ी तो देना शुरू कर दी है लेकिन एरियर नहीं दिया है।
शहरवासियों को पानी की आपूर्ति देने के लिए कंपनी ने आउटसोर्स आधार पर 50 से ज्यादा कीमैन, फीटर आदि तैनात किए हैं। इनका कहना है कि सरकार के निर्देश पर बीते साल अप्रैल से बढ़ी हुई दिहाड़ी लागू होनी है। कंपनी ने सितंबर से कर्मचारियों को बढ़ी हुई दिहाड़ी दी है। अप्रैल से अगस्त तक का पैसा कंपनी अब नहीं दे रही। इसकी फाइल महीनों से कंपनी के एजीएम से एमडी दफ्तर के बीच झूल रही है। ठेकेदार मुनीश कौशल का कहना है कि कर्मचारियों को सितंबर से बढ़ा हुआ पैसा दिया जा रहा है। जब तक कंपनी पिछला पैसा नहीं दे देती, कर्मचारियों को इसका एरियर जारी नहीं हो पाएगा। इसकी फाइल मंजूरी के लिए कंपनी को भेजी है। अब इसकी मंजूरी का इंतजार है। कंपनी के प्रबंधन निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इस पर एजीएम स्तर पर फैसला होना है। एजीएम बसंत राठौर ने कहा कि इसकी फाइल मंजूरी के लिए भेजी है। जल्द ही कर्मचारियों का एरियर जारी किया जाएगा।