जयराम सरकार की स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी हिम केयर बीमा योजना का लाभ भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार के अस्पताल में नहीं मिल रहा है। स्वामी विवेकानंद अस्पताल प्रबंधकों ने अस्पताल को हिम केयर योजना के तहत पंजीकृत ही नहीं करवाया है। हालांकि, प्रदेश में कई छोटे-छोटे अस्पताल भी योजना के तहत पंजीकृत हो गए हैं, लेकिन पालमपुर स्थित यह अस्पताल अभी भी योजना से बाहर है। ऐसे में यहां उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों को हिम केयर का लाभ नहीं मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार स्वामी विवेकानंद अस्पताल प्रबंधन ने योजना के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया है। इसके पीछे अस्पताल प्रबंधन के सरकार के पास करोड़ों रुपयों के लंबित बिलों का हवाला दिया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को अस्पताल में दिए उपचार के तहत सरकार ने उनके बिलों का भुगतान नहीं किया है। उधर, स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि अभी अस्पताल हिम केयर योजना के तहत पंजीकृत नहीं हुआ है। योजना के तहत पंजीकरण करवाना अस्पताल पर निर्भर करता है। वह इस योजना के दायरे में आना चाहते हैं कि नहीं। इस संबंध में लोग शांता कुमार से भी बात कर सकते हैं।
अस्पताल बनाने को लोगों ने दिया है करोड़ों का दान
लंबागांव पंचायत समिति के उपाध्यक्ष अजय मेहरा, तलवाड़ पंचायत के पूर्व प्रधान प्रकाश चंद राणा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रविंद्र चौधरी, झुंग्गा देवी, युवक मंडल के प्रधान रवि कांत सहित स्थानीय लोगों झंडा सिंह, पंकज ठाकुर, सतपाल भटेडिया, संजय चौहान, रवि समकड़िया, संजय कुमार और रविंद्र चौधरी आदि का कहना है कि जब अस्पताल की नींव रखी गई थी, उस समय स्थानीय लोगों ने करोड़ों रुपये दान दिया था। अब सरकारी योजनाओं का अस्पताल में लाभ न मिलने से लोगों में रोष है। छोटे-छोटे अस्पताल हिम केयर का लाभ दे रहे हैं।
सरकार के पास लंबित हैं करोड़ों के बिल : दुबे
स्वामी विवेकानंद अस्पताल हिम केयर योजना के तहत पंजीकृत नहीं करवाया गया है। अस्पताल को सरकार से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपया लेना है। जब तक सरकार से क्लीयरेंस नहीं होती, तब तक कुछ नहीं कह सकते। फिर भी इसे योजना के तहत पंजीकृत करवाने की कोशिश की जाएगी। - डॉ. बिमल दुबे, एचओडी विवेकानंद अस्पताल पालमपुर
पंजीकरण को लेकर होगी कोशिश : शांता
स्वामी विवेकानंद अस्पताल पालमपुर हिम केयर योजना के तहत पंजीकृत नहीं है। इसके पंजीकरण को लेकर कोशिश की जाएगी। - शांता कुमार, अध्यक्ष विवेकानंद ट्रस्ट