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हिमाचल में इस नदी को मिला नेशनल वाटर वे का दर्जा, शुरू होगी परिवहन सुविधा

Sat, 27 Oct 2018 10:29 AM IST
रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, बिलासपुर
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हिमाचल प्रदेश में बह रही सतलुज नदी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने नेशनल वाटर वे घोषित कर दिया है। अब राज्य की यह नदी देश की उन 111 नदियों में शामिल हो गई है, जिन्हें नेशनल वाटर वे का दर्जा मिला है।

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हालांकि  पहले चरण  में शिमला जिले के सुन्नी सड़क पुल के पास से पंजाब के हरीके बांध तक के इलाके को नेशनल वाटर वे घोषित किया है। प्रदेश में सतलुज नदी की कुल लंबाई 377 किमी है।

हिमाचल के 156 और पंजाब के 162 किलोमीटर क्षेत्र में बहने वाली सतलुज के हिस्से को नेशनल वाटर वे में शामिल किया गया है। यानी कुल 318 किलोमीटर दायरा इसमें शामिल होगा।

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आसान हो जाएगा आवागमन

देश की 37 नदियों को 12 अप्रैल, 2016 को अगले तीन साल में नेशनल वाटर वे घोषित करने का फैसला लिया था। इसके लिए केंद्र के पर्यटन, परिवहन और संस्कृति विभाग की विशेष समिति गठित की गई थी। समिति ने सर्वेक्षण पूरा होने पर सतलुज को भी नेशनल वाटर वे घोषित कर दिया।

हालांकि सतलुज के नेशनल वाटर वे घोषित होने के बाद यहां फिलहाल परिवहन सेवाएं शुरू नहीं हो पाएंगी। केंद्र पहले इसके लिए पॉलिसी तैयार करेगा। इसकी पुष्टि उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने की है।

उन्होंने बताया कि सुन्नी सड़क का क्षेत्र हिमाचल में है और हरीके बांध पंजाब में है। जलमार्ग के इस हिस्से में बोट और अन्य परिवहन सेवाएं शुरू होने से सुविधाओं और विकास के नए द्वार खुलेंगे। 

सतलुज नदी के नेशनल वाटर वे घोषित होने से आपातकाल में पानी के इस रास्ते का प्रयोग किया जा सकेगा। इससे जहां भाखड़ा से सीधे बिलासपुर के सलापड़ पहुंचा जा सकेगा, वहीं कोलडैम से होते हुए सुन्नी तक जलमार्ग खुल जाएगा।
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