नगर निगम मंडी के समखेतर में जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ ने दुकान मात्र 800 रुपये प्रतिमाह के किराये पर दी है। दुकान नाम किसी और के है, जबकि कब्जा किसी ठेकेदार का है। दुकान का किराया भी नहीं लिया जा रहा है। जवाब में सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि यह दुकान सहकारिता विभाग की नहीं है।
भाजपा विधायक जवाहर ठाकुर ने सहकारिता विभाग के लिखित जवाब पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम मंडी के समखेतर में जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ ने दुकान मात्र 800 रुपये प्रतिमाह के किराये पर दी है। दुकान नाम किसी और के है, जबकि कब्जा किसी ठेकेदार का है। दुकान का किराया भी नहीं लिया जा रहा है। जवाब में सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि यह दुकान सहकारिता विभाग की नहीं है। जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ मंडी ने यह दुकान शशि भूषण को फोटो स्टूडियो के लिए 800 रुपये मासिक किराये पर दी थी। अब तक 19200 रुपये किराया वसूल किया गया है।
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दिसंबर 2000 को मंडी जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ (विघटनाधीन) द्वारा देनदारियों को चुकता करने के लिए अपनी सारी संपत्तियों का हस्तांतरण राज्य सहकारी बैंक को किया गया। बैंक की भूमि पर निर्मित इस दुकान पर शशि भूषण ने अवैध कब्जा किया है। बैंक की ओर से अक्तूबर 2013 को इस भूमि की निशानदेही करवाई गई। कब्जाधारक के खिलाफ दुकान खाली करवाने बारे में मामला जनवरी 2017 में डिविजनल क्लेक्टर मंडी में दायर किया है। फरवरी 2020 में बैंक के पक्ष में फैसला आया है। 2020 से किराया नहीं आया है। दुकान को खाली करवाया जाएगा। कब से दुकान दी गई थी, कितना किराया बनता है। इसकी जांच की जाएगी। किराया वसूली के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।