बिलासपुर जिले के घुमारवीं के औहर में एक आवारा बैल ने एक बुजुर्ग दुकानदार पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। 78 वर्षीय दुकानदार सुबह अपनी दुकान खोलने के लिए गया था। अचानक आवारा बैल ने उस पर हमला बोल दिया।
छाती और पेट पर कई हमले कर बैल ने बुजुर्ग को लहुलूहान कर दिया। घायलावास्था में बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है।
आवारा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं होने पर प्रशासन के प्रति लोगों में गुस्सा है।
छाती पर भी किए वार
घुमारवीं के औहर कस्बे में किराना की दुकान चलाने वाले शंकर दास गुप्ता सुबह अपने घर से औहर डाकघर के समीप स्थित अपनी दुकान खोलने के लिए जा रहे थे। अचानक एक आवारा बैल ने उन पर हमला कर दिया। नुकीले सींग बुजुर्ग के पेट में घुस गए।
बैल ने बुजुर्ग की छाती पर भी वार किए। पेट और छाती के अलावा बुजुर्ग के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई। घायल शंकर दास को जिला अस्पताल बिलासपुर ले जाया गया।
लेकिन बुजुर्ग ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। ग्राम पंचायत औहर प्रधान देश राज ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि औहर ही नहीं बल्कि कई इलाकों में आवारा पशु लोगों की जान के दुश्मन बन बैठे हैं। लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
पहले भी हो चुके हैं कई हमले
स्थानीय लोगों का कहना है कि यही बैल इससे पहले प्यारे लाल टैक्सी चालक निवासी भजवानी, दुर्गा दास निवासी विजयपुर व भाग सिंह धीमान निवासी औहर पर भी जानलेवा हमला कर चुका हैं। तीनों को घटना में गंभीर चोटें आईं।
उन्होंने प्रशासन से आवारा पशुओं के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। प्रधान देश राज ने कहा कि आवारा पशुओं पर नकेल कसने के लिए सरकार ने जल्द कोई ठोस प्रयास नहीं किए तो लोग आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
ट्रिंकोलाइजर से काबू किया बैल
घुमारवीं थाना पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी हैं। एसडीएम घुमारवीं राजीव कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही एक टीम मौके पर भेजी गई है।
ट्रिंकोलाइजर से बैल को काबू कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन आवारा पशुओं को पकड़ कर गौशाला भेजता है। इस साल भी कई पशु भेजे गए हैं।