डोगरा रेजिमेंट के जवान कुलविंदर सिंह जम्मू के आर्मी कैंप में हुए भीषण अग्निकांड के दौरान आग की चपेट में आने के बाद बीते मंगलवार को शहीद हो गए। बुधवार देर शाम उनका शव अपने पैतृक गांव हरोली क्षेत्र के पंडोगा गांव पहुंचा, जिसके बाद गुरुवार को गांव के शमशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों की आंखें नम हो गईं। कुलविंदर सिंह अपने पीछे पत्नी सहित 11 व आठ साल के दो बेटे छोड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार जिला ऊना के हरोली उपमंडल के तहत पंडोगा गांव के रहने वाले कुलविंदर सिंह करीब 20 दिन पूर्व जम्मू के आर्मी कैंप में हुए भीषण अग्निकांड में आग पर काबू पाते समय बुरी तरह से झुलस गए थे।
इसके बाद उन्हें तुरंत आर्मी अस्पताल उधमपुर में भर्ती किया गया था। कुलविंदर सिंह 60 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। लेकिन उन्होंने हौसला नहीं हारा। करीब 20 दिनों तक उनका इलाज चला और सेहत में कुछ सुधार भी लगा। लेकिन मंगलवार को कुलविंदर सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद सैन्य अधिकारियों और सैनिकों ने कुलविंदर सिंह की पार्थिव देह को उनके पंडोगा स्थित घर पर पहुंचाई। गुरुवार सुबह करीब 11:00 बजे प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई।