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2030 तक हिमाचल में 23 हजार करोड़ का निवेश करेगा एसजेवीएन

Fri, 01 Oct 2021 08:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

सतलुज जल विद्युत निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा ने राजधानी शिमला में प्रेसवार्ता में कहा कि एसजेवीएन को गठित हुए 33 वर्ष पूरे हो गए हैं। बिहार के बक्सर में थर्मल परियोजना और नेपाल में अरुण थ्री परियोजना को वर्ष 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में वर्ष 2023 तक देश पांच हजार मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू होगा।
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एसजेवीएन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सतलुज जल विद्युत निगम वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश में 23 हजार करोड़ का निवेश करेगा। हमीरपुर में 66 मेगावाट की धौलासिद्ध और रामपुर में 210 मेगावाट की लुहरी स्टेज वन बिजली परियोजना में वर्ष 2025-26 तक उत्पादन शुरू होगा। शुक्रवार को सतलुज जल विद्युत निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा ने राजधानी शिमला में प्रेसवार्ता में कहा कि एसजेवीएन को गठित हुए 33 वर्ष पूरे हो गए हैं। बिहार के बक्सर में थर्मल परियोजना और नेपाल में अरुण थ्री परियोजना को वर्ष 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में वर्ष 2023 तक देश पांच हजार मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू होगा। वर्ष 2023 तक के लक्ष्य अनुसार देश में 23 हजार करोड़ और हिमाचल में पांच हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा। 

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काजा में 880 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना के लिए ट्रांसमिशन लाइन का रास्ता साफ होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। दिसंबर 2021 तक इसकी डीपीआर बन जाएगी। हिमाचल में सतलुज, ब्यास और चिनाब बेसिन पर परियोजनाएं बनाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने एक बेसिन पर एक कंपनी को काम देने की मांग को पूरा करते हुए एसजेवीएन को चिनाब बेसिन में छह परियोजनाएं दी गई हैं। नेपाल सरकार ने भी अरुण थ्री के साथ लोअर अरुण प्रोजेक्ट भी निगम को दे दिया है। इस अवसर पर निगम के सभी निदेशक भी मौजूद रहे।

लोगों की सहमति बिना किसी प्रोजेक्ट का नहीं करेंगे निर्माण
शिमला। किन्नौर और लाहौल में बिजली परियोजनाओं को स्थापित करने के विरोध में मुखर हुए लोगों के सवाल पर नंद लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में लोगों की सहमति बिना किसी भी प्रोजेक्ट पर काम नहीं किया जाएगा। परियोजना स्थल की पूरी जानकारी जुटाने के बाद और लोगों से मशवरा करने के बाद ही निगम परियोजनाओं को स्थापित करता है।
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भारत में विकास कार्य रोकने को कई संगठन सक्रिय
 नंदलाल शर्मा ने कहा कि भारत में विकास कार्य रोकने के लिए कई संगठन सक्रिय हैं। हिमाचल में भी यह समस्या आती है। इन संगठनों को बाहरी देशों से भी कार्य प्रभावित करने के लिए मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि अधिकांश वो ही लोग विरोध करते हैं जो बिजली परियोजनाओं के बनने से प्रभावित नहीं होते हैं। प्रभावित लोगों को हर मदद मिलती है।

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