राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि तीन अप्रैल को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मानी गई मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई है। बैकलॉग की भर्तियों को लेकर जारी अधिसूचना में कई त्रुटियां हैं।
बैकलॉग भर्तियां जल्द करने की मांग को लेकर बेरोजगार दृष्टिबाधितों ने सचिवालय के पास छोटा शिमला बस स्टाॅप पर धरना दिया। उन्होंने सेवानिवृत्ति की आयु को 58 से बढ़ाकर 60 साल करने और पदोन्नति के लिए लिखित परीक्षा ना करवाने की मांग रखी। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर राज्य सचिवालय के समीप अनिश्चितकालीन धरने की भी चेतावनी दी।
विज्ञापन
राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि तीन अप्रैल को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मानी गई मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई है। बैकलॉग की भर्तियों को लेकर जारी अधिसूचना में कई त्रुटियां हैं। दृष्टिबाधितों को नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता में छूट देने का आश्वासन पूरा नहीं हुआ है। संघ के महासचिव देवा चंद नेगी ने बताया कि दृष्टिबाधित लोगों के अधिकारों से संबंधित बहुत सी मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
डी श्रेणी की नौकरी के लिए 35 वर्ष से अधिक आयु के दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को सभी शैक्षणिक योग्यताओं से छूट देने संबंधी प्रदेश सरकार की योग्य अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से अक्षरश: लागू किया जाना चाहिए। रोजगार के लिए उन दृष्टिबाधित उम्मीदवारों पर बहुत विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए जो प्राथमिकता के आधार पर किसी भी प्रकार की नौकरी के लिए अधिकतम आयु सीमा को पार कर चुके हैं या करने वाले हैं।
विज्ञापन
दिव्यांगता पेंशन की राशि दोगुनी की जानी चाहिए। राज्य में दृष्टिबाधित कर्मचारियों को केवल 750 रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता है, जबकि अन्य राज्यों में हिमाचल के मुकाबले यह राशि ज्यादा है। उन्होंने दृष्टिबाधित कर्मचारियों को बायाेमीट्रिक मशीनों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करने की छूट देने की मांग भी की।