शिमला। राजधानी शिमला के कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पोर्टमोर में इस शैक्षणिक सत्र में अब तक 1722 छात्राएं विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश ले चुकी हैं। प्रवेश लेने वाली छात्राओं में से 105 ऐसी हैं जो निजी स्कूलों से आई हैं। इन छात्राओं ने सीबीएसई बोर्ड की पढ़ाई छोड़कर अब प्रदेश के सरकारी स्कूल में दाखिल लिया है।
सरकारी स्कूलों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 मई तय की गई है लेकिन इसे अभी और आगे बढ़ाया जाना तय है। इससे ऐसी छात्राओं की संख्या दो सौ तक पहुंचने की उम्मीद है।
इंग्लिश और हिंदी दोनों माध्यम से पढ़ाई होना छात्राओं को पोर्टमोर स्कूल की तरफ आकर्षित कर रहा है। इसके अलावा कोरोना के चलते लोगों की आय में कमी आना भी इसका कारण माना जा रहा है। लोग इस हालत में नहीं है कि निजी स्कूलों का खर्चा उठा सकें।
ऐसे में छात्राओं के लिए पोर्टमोर स्कूल एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है। सरकारी स्कूलों में फीस नहीं ली जाती। फंड के नाम पर नाममात्र शुल्क जरूर लिया जाता है।
छात्राओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद : सूद
प्रधानाचार्य नरेंद्र सूद ने बताया कि इस सत्र में स्कूल में प्रवेश लेने वाली छात्राओं की संख्या 1722 पहुंच चुकी है। इनमें 105 ऐसी छात्राएं हैं जो सीबीएसई और आईसीएएसई बोर्ड के स्कूलों से आई हैं। दसवीं की सीबीएसई और आईसीएसई की परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी। बीते सत्र में करीब 150 छात्राओं ने अन्य स्कूलों को छोड़कर पोर्टमोर में दाखिला लिया था। कहा कि पोर्टमोर स्कूल में दी जा रही सुविधाओं के चलते अभिभावक निजी स्कूलों से निकालकर छात्राओं को यहां दाखिला दिला रहे हैं।