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Shimla Landslide: हिमलैंड में सर्कुलर रोड पर भारी भूस्खलन, भवन को खाली करवाया, सेंट एडवर्ड स्कूल दो दिन बंद

Fri, 19 Sep 2025 09:52 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 शिमला के हिमलैंड में सर्कुलर रोड पर फिर से भारी भूस्खलन हुआ है।
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शिमला के हिमलैंड में भारी भूस्खलन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के हिमलैंड के पास वीरवार देर रात हुए भूस्खलन के कारण शहर का सर्कुलर रोड शुक्रवार को दिनभर ठप रहा। जिला प्रशासन ने सेंट एडवर्ड स्कूल से वन मुख्यालय तक बनी वैकल्पिक सड़क से छोटी गाड़ियां चलाईं लेकिन वनवे आवाजाही से यहां सुबह से शाम तक लंबा जाम लगा रहा।

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इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। बसों से आवाजाही करने वाले लोगों को पैदल चलने को मजबूर होना पड़ा। पुलिस को यातायात व्यवस्था चलाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि शनिवार को सर्कुलर रोड पर वाहनों की आवाजाही सुचारू हो जाएगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी। हिमलैंड के पास वीरवार देर रात एक बजे भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने इस सड़क को बंद कर दिया था। रात 2:15 बजे एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा ने अधिकारियों के साथ खुद मौके का दौरा किया। इसके बाद खतरे की जद में आए मकान को खाली करवाया। प्रशासन के अनुसार इस मकान में विक्रांत कुमार अपने दो भाईयों के साथ रहते हैं। यह देर रात ही रिश्तेदारों के घर चले गए। एडीएम के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने शुक्रवार तड़के सुबह ही सड़क पर आया मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। सड़क पर भारी मलबा होने से पूरा दिन यह काम जारी रहा। शाम तक सड़क से मलबा हटा दिया है।
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मालरोड से भी भेजी गाड़ियां, पैदल चलीं गर्भवती महिलाएं
सर्कुलर रोड बंद होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने छोटा शिमला से पुराने बस अड्डे के लिए वाया ओकओवर से मालरोड होते हुए भी छोटी गाड़ियां रवाना कीं। इससे लोगों खासकर अस्पताल आ रहे मरीजों, नौकरीपेशा लोगों को राहत मिली। हालांकि सर्कुलर रोड पर बसों से आवाजाही करने वाली गर्भवती महिलाएं पैदल ही टॉलैंड से कमला नेहरू अस्पताल जाने के लिए मजबूर हुईं।

सेंट एडवर्ड स्कूल किया बंद
हिमलैंड के पास भूस्खलन के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार सुबह ही सेंट एडवर्ड स्कूल को दो दिन तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। अब सोमवार को भी यह स्कूल खुलेगा।

एक महीने से टूट रहा था डंगा
सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास जिस जगह भूस्खलन हुआ है, वहां लगा डंगा करीब एक महीने से दरक रहा था। दो जगह से यह पुराना डंगा दरक रहा था। एक जगह तो मरम्मत कर डंगे को मजबूती दी गई लेकिन दूसरी जगह सुध नहीं ली गई। भारी बारिश के कारण यह दरक गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि पहले ही इसकी मरम्मत कर देता तो भूस्खलन नहीं होता। साल 2023 में भी अगस्त माह में हिमलैंड के पास इसी जगह पर बड़ा डंगा दरक गया था, उस समय भी कई दिन तक सर्कुलर रोड पर यातायात व्यवस्था बाधित रही थी। बाद में मौके पर पक्का डंगा लगाया गया। इस पक्के डंगे के साथ ही लगा पुराना डंगा अब ढह गया।

मुख्यमंत्री ने जान-माल की रक्षा के लिए सेना और कांगड़ा प्रशासन को सराहा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के थुरल कस्बे के बछवाई गांव में हाल ही में हुए भूस्खलन के बाद भारतीय सेना, कांगड़ा जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों की ओर से किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की।  मुख्यमंत्री ने उनके अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त घरों से 13 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने में उल्लेखनीय कार्य किया।  उन्होंने कहा कि सेना और जिला प्रशासन ने न केवल जान-माल की रक्षा की बल्कि प्रभावित परिवारों में सेना के प्रति विश्वास को और मजबूत बनाया है। 
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भारी बारिश से राजधानी में अब तक 50 से ज्यादा भवन खतरे की जद में
राजधानी में करीब चार महीने से जारी बारिश के कारण अब तक 70 से ज्यादा भवन खतरे की जद में आ चुके हैं। इनमें से 15 से ज्यादा मकान खाली करवाए गए हैं। हालत यह है कि शहरभर की सभी रिहायशी कालोनियों में अब भवनों की नींव पर तिरपाल बिछाने पड़े हैं। अकेले हिमलैंड क्षेत्र में छह से ज्यादा मकानों को खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा बैनमोर वार्ड के रामचंद्र चौक क्षेत्र में हिमुडा कालोनी समेत अन्य मकानों को भी भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। शहर के पंथाघाटी, टुटीकंडी, कैथू, कृष्णानगर, कनलोग, न्यू शिमला, पटयोग, कसुम्पटी, विकासनगर, छोटा शिमला, संजौली आदि वार्डाें की रिहायशी कालोनियों में कई बहुमंजिला भवन खतरे की जद में हैं। इनमें से कई भवनों की नींव के डंगे ढह चुके हैं। नगर निगम के अनुसार बरसात के बाद ही इनकी मरम्मत की अनुमति दी जाएगी। 
 
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