मालरोड से भी भेजी गाड़ियां, पैदल चलीं गर्भवती महिलाएं
सर्कुलर रोड बंद होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने छोटा शिमला से पुराने बस अड्डे के लिए वाया ओकओवर से मालरोड होते हुए भी छोटी गाड़ियां रवाना कीं। इससे लोगों खासकर अस्पताल आ रहे मरीजों, नौकरीपेशा लोगों को राहत मिली। हालांकि सर्कुलर रोड पर बसों से आवाजाही करने वाली गर्भवती महिलाएं पैदल ही टॉलैंड से कमला नेहरू अस्पताल जाने के लिए मजबूर हुईं।
सेंट एडवर्ड स्कूल किया बंद
हिमलैंड के पास भूस्खलन के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार सुबह ही सेंट एडवर्ड स्कूल को दो दिन तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। अब सोमवार को भी यह स्कूल खुलेगा।
एक महीने से टूट रहा था डंगा
सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास जिस जगह भूस्खलन हुआ है, वहां लगा डंगा करीब एक महीने से दरक रहा था। दो जगह से यह पुराना डंगा दरक रहा था। एक जगह तो मरम्मत कर डंगे को मजबूती दी गई लेकिन दूसरी जगह सुध नहीं ली गई। भारी बारिश के कारण यह दरक गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि पहले ही इसकी मरम्मत कर देता तो भूस्खलन नहीं होता। साल 2023 में भी अगस्त माह में हिमलैंड के पास इसी जगह पर बड़ा डंगा दरक गया था, उस समय भी कई दिन तक सर्कुलर रोड पर यातायात व्यवस्था बाधित रही थी। बाद में मौके पर पक्का डंगा लगाया गया। इस पक्के डंगे के साथ ही लगा पुराना डंगा अब ढह गया।
मुख्यमंत्री ने जान-माल की रक्षा के लिए सेना और कांगड़ा प्रशासन को सराहा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के थुरल कस्बे के बछवाई गांव में हाल ही में हुए भूस्खलन के बाद भारतीय सेना, कांगड़ा जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों की ओर से किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उनके अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त घरों से 13 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने में उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि सेना और जिला प्रशासन ने न केवल जान-माल की रक्षा की बल्कि प्रभावित परिवारों में सेना के प्रति विश्वास को और मजबूत बनाया है।