शिमला-जुंगा मार्ग पर सुईंथा के पास सोमवार सुबह बीच सड़क एक ट्राला खराब हो गया। इससे मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और करीब साढ़े चार घंटे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। एक निजी बस के अलावा हिमाचल पथ परिवहन निगम की छह बसें भी जाम में फंसी रहीं।
शिमला-जुंगा मार्ग पर सुईंठा के पास सोमवार सुबह बीच सड़क एक ट्राला खराब होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। ट्राला सड़क के बीच में खराब होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही रुक गई। सुबह करीब 6:00 बजे से 10:30 बजे तक मार्ग पर ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहा।
विज्ञापन
ट्राला के खराब होने से इस मार्ग पर आने-जाने वाली बस सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। जानकारी के अनुसार एक निजी बस और हिमाचल पथ परिवहन निगम की छह बसें जाम में फंस गईं। इनमें जुंगा-शिमला मार्ग पर चलने वाली परिवहन निगम की सुबह की सेवाएं भी शामिल रहीं।
बसों के लंबे समय तक जाम में फंसे रहने का असर केवल इसी रूट तक सीमित नहीं रहा। बसों के समय पर आगे नहीं पहुंच पाने के कारण परिवहन निगम के शिमला लोकल डिपो से संचालित होने वाले अगले रूटों की सेवाएं भी प्रभावित हुईं। जाम में शिमला नंबर-3 डिपो की एक बस के फंसने की भी जानकारी है। सुबह के समय सड़क पर यातायात का दबाव अधिक होने के कारण ट्राला खराब होने से यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
साढ़े चार घंटे बाद हटाया गया ट्राला
मार्ग के बीच ट्राला खराब होने के बाद उसे हटाने के प्रयास किए गए। करीब साढ़े दस बजे ट्राला हटाए जाने के बाद सड़क पर यातायात बहाल होने की सूचना है। इसके बाद मार्ग पर फंसे वाहनों और बसों की आवाजाही शुरू हो सकी। सुबह के समय लंबे समय तक मार्ग बंद रहने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। वहीं, परिवहन निगम की बसों के निर्धारित समय पर आगे नहीं बढ़ पाने से उनके अगले फेरे भी प्रभावित हुए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी मार्गों पर भारी वाहनों के खराब होने की स्थिति में अक्सर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। ऐसे में खराब वाहनों को जल्द से जल्द सड़क से हटाना जरूरी होता है, ताकि लंबे समय तक यातायात बाधित न रहे।