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Shardiya Navratri 2023: हिमाचल के शक्तिपीठों में 7.05 लाख श्रद्धालुओं ने नवाया शीश

Sat, 21 Oct 2023 10:40 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क,शिमला/धर्मशाला/ऊना

सार

हिमाचल पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार श्री नयनादेवी मंदिर में सबसे ज्यादा 2,09,970 और बाल सुंदरी मंदिर में 1,80,000 श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
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श्री नयनादेवी में उमड़े श्रद्धालु। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शारदीय नवरात्र पर शनिवार सुबह तक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शक्तिपीठों में 7,05,937 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। हिमाचल पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार श्री नयनादेवी मंदिर में सबसे ज्यादा 2,09,970 और बाल सुंदरी मंदिर में 1,80,000 श्रद्धालुओं ने माथा टेका।

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पुलिस मुख्यालय ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी शक्तिपीठों में जिला पुलिस के साथ भारतीय आरक्षित वाहिनियों से पुलिस बल तैनात किया गया है। नवरात्र के दौरान कोई भी सड़क और अन्य दुर्घटनाएं नहीं हुई हैं।

किस शक्तिपीठ में कितने श्रद्धालु पहुंचे
शक्तिपीठ            श्रद्धालु         एचएमवी     एलएमवी      दोपहिया
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चिंतपूर्णी                 84,612        61            623             1198
श्रीनयनादेवी            2,09,970    1,810       4,483          7,840
ज्वालाजी                51,300        392          1958            1100
बज्रेश्वरी मंदिर          68,481        461         1,841           1,999
चामुंडा देवी             60,760        185         1,147           1,376
बाला सुंदरी             1,80,000      455         4,250           6,450
तारादेवी                 12,130         85           2,496           477
हाटकोटी दुर्गा माता  15,600         2             2,790           202
कालीबाड़ी मंदिर      14,700         -                 -                     -

ज्वालामुखी में महागोरी, चामुंडा में मां नशीत और कांगड़ा में मां बज्रेश्वरी की होगी पूजा

शारदीय नवरात्र अष्टमी के दिन शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए कपाट 24 घंटे खुले रहेंगे। रविवार को ज्वालामुखी मंदिर में मां महागोरी की पूजा की जाएगी। इसके साथ ही कन्या पूजन और हवन यज्ञ किए जाएंगे। मंदर के कपाट केवल आरती के दौरान ही बंद किए जाएंगे। इसके अलावा अष्टमी की रात को नंदिकेशवर धाम में मां चामुंडा का नशीत पूजन किया जाएगा। अष्टमी की रात को मां का पुराना सिंदूर उतारकर नया सिंदूर चढ़ाया जाएगा। रात 12 बजे मां चामुंडा को 108 प्रकार के व्यजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। वहीं रविवार को अष्टमी के दिन मां बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट तड़के दो बजे खुल जाएंगे।
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चिंतपूर्णी मंदिर में माता रानी को लगेंगे छप्पन भोग

मां चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को अष्टमी का दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। अष्टमी के दिन विशेष पूजन किया जाएगा। दोपहर को माता रानी को छप्पन तरह का भोग लगाया जाएगा। वहीं मां चिंतपूर्णी मंदिर में शनिवार को सप्तमी के दिन भी श्रद्धालुओं की रौनक लगी रही। सातवें नवरात्र में मां के दरबार आने वाले श्रद्धालुओं में ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश राज्य से रही। मंदिर खुलने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही मां के दरबार में लगातार बनी रही।

शाम तक करीब 12,000 श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगा चुके थे। इस दौरान दिल्ली से आए एक भक्त ने मां के दरबार में इलेक्ट्रॉनिक ढोल नगाड़े चढ़ाए। वहीं दर्शन बस सेवा से भी श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचे। पुलिस प्रशासन और सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ होमगार्ड के जवान पूरी तरह से भीड़ को नियंत्रित करते नजर आए। उत्तर प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की बसों को भरवाईं में ही रोक दिया जा रहा था। इसके बाद भरवाईं से काफी ज्यादा संख्या में श्रद्धालु पैदल ही चिंतपूर्णी मंदिर पहुंच रहे थे। एसडीएम अंब विवेक महाजन ने बताया कि अभी तक शारदीय नवरात्र शांतिपूर्वक चले हुए हैं।
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