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CM Sukhu: तीन बार आईं केंद्रीय टीमें, पर नहीं मिला राहत पैकेज, जनता को ठगने का काम कर रहे जयराम

Sat, 21 Oct 2023 07:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

 कुल्लू के रथ मैदान में शनिवार को आपदा प्रभावितों को राहत राशि वितरित करते हुए सीएम ने कहा कि कुल्लू में सबसे पहले आपदा आई तो वह कुल्लू पहुंचे थे और अब मदद की शुरुआत भी यहीं से की जा रही है।
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प्रभावितों को चेक वितरित करते मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व सीएम जयराम ठाकुर जनता को ठगने का काम कर रहे हैं। तीन बार केंद्रीय टीमें प्रदेश का दौरा कर लौट गईं, लेकिन राहत पैकेज नहीं मिला। कुल्लू के रथ मैदान में शनिवार को आपदा प्रभावितों को राहत राशि वितरित करते हुए सीएम ने कहा कि कुल्लू में सबसे पहले आपदा आई तो वह कुल्लू पहुंचे थे और अब मदद की शुरुआत भी यहीं से की जा रही है। उनकी सरकार ने आपदा में जिला कुल्लू से 75,000 सैलानियों को सुरक्षित निकाला था। सरकार ने रात-दिन एक कर काम किया है। भाजपा ने प्राकृतिक आपदा के समय राजनीतिक रोटियां सेंकने के अलावा कुछ नहीं किया। जयराम ठाकुर किस आर्थिक मदद के लिए केंद्र का धन्यवाद कर रहे हैं।

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जो राशि अभी तक मिली है, वह राज्य आपदा राहत फंड में हर वर्ष आती है। जिस दिन विशेष आर्थिक सहायता मिलेगी, वह खुद केंद्र सरकार का धन्यवाद करने के लिए दिल्ली जाएंगे। अगर केंद्र सरकार को विशेष पैकेज नहीं देना है तो प्रदेश सरकार ने जो 12000 करोड़ रुपये का क्लेम भेजा है, वही राशि ही दे दी जाए। मानसूत्र सत्र में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और केंद्र सरकार की ओर से विशेष राहत पैकेज देने के लिए सरकार संकल्प प्रस्ताव लाई। तीन दिन तक प्रस्ताव पर चर्चा हुई और भाजपा ने खूब राजनीतिक रोटियां सेंकीं। जब संकल्प को सर्वसम्मति से पारित करने का समय आया तो भाजपा विधायकों के मुंह सिल गए। कहा कि भगवान भी भाजपा नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा। सरकार के पास आपदा राहत कोष में 230 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
 

सीएम ने बटन दबाया और 324 आपदा प्रभावितों के खाते में पहुंचे 9.72 करोड़ रुपये

 हिमाचल प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए घोषित विशेष राहत पैकेज के तहत पुनर्वास की कुल्लू से शुरुआत की। शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ढालपुर के रथ मैदान से बटन दबाकर जिला कुल्लू के 324 प्रभावित परिवारों को मकान बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में तीन-तीन लाख उनके खाते में डाले। कुल 9.72 करोड़ रुपये की राहत राशि खाते में डाली गई। मुआवजा राशि आपदा के दौरान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों के मालिकों को उनके पुनर्वास के लिए दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद पाई-पाई जोड़कर प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हमारी सरकार आम आदमी और गरीबों की है।
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75,000 करोड़ का कर्ज और सरकारी कर्मचारियों की 10,000 करोड़ की देनदारियों के बावजूद राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 4,500 करोड़ रुपए के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। आपदा में क्षतिग्रस्त कच्चे व पक्के मकान के अब 1.30 लाख के बजाय सात लाख रुपये मिलेंगे। दुकान, ढाबे क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजा राशि 25 हजार रुपये से चार गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये की गई है। गोशाला को हुए नुकसान की भरपाई की राशि 3,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये की गई है। कृषि और बागवानी भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली मुआवजा राशि 3615 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 10,000 प्रति बीघा की है। सीएम ने कहा कि आपदा के दौरान 75 हजार पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में 15 देशों के सांस्कृतिक दल शामिल होंगे, जो ऐतिहासिक है। सोमवार को मुख्यमंत्री सुक्खू पड्डल मैदान में मंडी के आपदा प्रभावितों को राहत राशि की पहली किस्त देंगे।
 
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