हिमाचल प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए घोषित विशेष राहत पैकेज के तहत पुनर्वास की कुल्लू से शुरुआत की। शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ढालपुर के रथ मैदान से बटन दबाकर जिला कुल्लू के 324 प्रभावित परिवारों को मकान बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में तीन-तीन लाख उनके खाते में डाले। कुल 9.72 करोड़ रुपये की राहत राशि खाते में डाली गई। मुआवजा राशि आपदा के दौरान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों के मालिकों को उनके पुनर्वास के लिए दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद पाई-पाई जोड़कर प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हमारी सरकार आम आदमी और गरीबों की है।
75,000 करोड़ का कर्ज और सरकारी कर्मचारियों की 10,000 करोड़ की देनदारियों के बावजूद राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 4,500 करोड़ रुपए के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। आपदा में क्षतिग्रस्त कच्चे व पक्के मकान के अब 1.30 लाख के बजाय सात लाख रुपये मिलेंगे। दुकान, ढाबे क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजा राशि 25 हजार रुपये से चार गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये की गई है। गोशाला को हुए नुकसान की भरपाई की राशि 3,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये की गई है। कृषि और बागवानी भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली मुआवजा राशि 3615 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 10,000 प्रति बीघा की है। सीएम ने कहा कि आपदा के दौरान 75 हजार पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में 15 देशों के सांस्कृतिक दल शामिल होंगे, जो ऐतिहासिक है। सोमवार को मुख्यमंत्री सुक्खू पड्डल मैदान में मंडी के आपदा प्रभावितों को राहत राशि की पहली किस्त देंगे।