संगठनों के लोगों ने सुबह 11 बजे पंचायत भवन शिमला से आंबेडकर चौक चौड़ा मैदान तक रैली निकाली। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला और 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में जगत राम, रवि कुमार, राजवंत नेगी, विजय कुमार व विक्की भूमक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
अनुसूचित जाति, जनजाति संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने बुधवार को विधानसभा के समीप चौड़ा मैदान में प्रदर्शन किया। संगठनों के लोगों ने सुबह 11 बजे पंचायत भवन शिमला से आंबेडकर चौक चौड़ा मैदान तक रैली निकाली। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला और 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में जगत राम, रवि कुमार, राजवंत नेगी, विजय कुमार व विक्की भूमक मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। विधानसभा के बाहर हुए प्रदर्शन को मोर्चा अध्यक्ष मीर सुख, दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य संयोजक जगत राम, सह संयोजक आशीष कुमार, भीम आर्मी अध्यक्ष रवि कुमार, समता दल के अध्यक्ष दिले राम, रवि दास सभा अध्यक्ष कर्म चंद भाटिया, बाबा साहेब अंबेदकर वेलफेयर सोसाइटी अध्यक्ष प्रीत पाल मट्टू, नगर निगम शिमला सफाई कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष बलबीर सिंह, अखिल भारतीय वाल्मीकि विकास परिषद अध्यक्ष विक्की भूमक, मानव एकता न्याय मंच अध्यक्ष अजय कुमार, कोली समाज के राज्य महासचिव राजेश खोश ने संबोधित किया।
मोर्चा संयोजक मीर सुख ने कहा कि पंजाब के बाद सबसे अधिक अनुसूचित जाति के लोग हिमाचल प्रदेश में रहते हैं। इस समुदाय से बीस विधायक हैं लेकिन वे अपनी भूमिका निभाने में विफल रहे हैं। सरकारी, अर्ध सरकारी व अन्य सभी प्रकार की नौकरियों में आरक्षण रोस्टर पूरी तरह लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि आउटसोर्स, अनुबंध, ठेके, पार्ट टाइम, स्कीम वर्कर, पीटीए, एसएमसी, स्वास्थ्य वर्कर, आशा वर्कर और पंचायत स्तर पर सभी प्रकार की भर्तियों में आरक्षण रोस्टर लागू किया जाए। सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में 85वें संविधान संशोधन को लागू किया जाए और बैकलॉग को तुरंत भरा जाए।